Article 370 और 35-A हटने से जम्मू-कश्मीर में विकास के द्वार खुले हैं: RSS

Abhijeet Dave | News18 Rajasthan
Updated: September 9, 2019, 6:15 PM IST
Article 370 और 35-A हटने से जम्मू-कश्मीर में विकास के द्वार खुले हैं: RSS
घाटी में नेताओं के नजरबंद किए जाने के मामले को संघ ने जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्र के हित में यह फैसला लिया है. संघ के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले (मध्य में)। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) ने जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद-370 और 35-ए (Article 370 and 35-A) के प्रावधान को समाप्त किए जाने का स्वागत (Welcome) करते हुए कहा है कि यह संघ की बहुत पुरानी मांग (Old demand) रही है.

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अजमेर. राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) ने जम्मू कश्मीर (Jammu-Kashmir) से अनुच्छेद-370 और 35-ए (Article 370 and 35-A) के प्रावधान को समाप्त किए जाने का स्वागत (Welcome) करते हुए कहा है कि यह संघ की बहुत पुरानी मांग (Old demand) रही है. इस ऐतिहासक फैसले के बाद वहां विकास (Development) के द्वार खुले हैं. संघ का मानना है कि सरकार के साथ ही समाज (Society) का भी दायित्त्व है कि वह वहां के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने का प्रयास करे.

घाटी में नेताओं के नजरबंद किए जाने के मामले को संघ ने जायज ठहराते हुए कहा कि सरकार ने राष्ट्र के हित (National interest) में यह फैसला लिया है. आपातकाल (Emergency) की तरह अपनी कुर्सी बचाने के लिए नहीं किया गया है.

तमाम मुद्दों पर संघ ने रखा अपना पक्ष
अजमेर के पुष्कर में चल रही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) की 3 दिवसीय राष्ट्रीय समन्वय बैठक का सोमवार को समापन हो गया. इस मौके पर संघ की ओर से प्रेसवार्ता आयोजित कर उन तमाम मुद्दों पर संघ का पक्ष रखा गया, जिनके बारे में 3 दिन तक बैठक में चर्चा हुई. इस बैठक में संघ ने मोटे तौर पर सीमाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर चर्चा की.

सीमाओं की रक्षा के प्रति देश के युवाओं को जागरुक किया जाएगा
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के राष्ट्रीय सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने सीमाओं की सुरक्षा के मसले पर कहा कि यह बेहद संवेदनशील मसला है. भारत से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से आंतकवाद, जाली नोट और नशीले पदार्थों की तस्करी का काम हो रहा है. वह देश को विकास की राह में पीछे धकेल रहा है. इसे लेकर संघ अपने संगठन, जिसमें सीमा जागरण केन्द्र शामिल है, के साथ व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा और सीमाओं की रक्षा के प्रति देश के युवाओं को भी जागरुक करेगा.

24 सिंतबर को दिल्ली में सार्वजनिक की जाएगी सर्वे रिपोर्ट
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उन्होंने बताया कि 3 दिन चली बैठक में महिलाओं के मुद्दे पर भी व्यापक चर्चा हुई. महिलाओं के क्षेत्र में काम करने वाले संगठन की ओर से देशव्यापी एक सर्वे भी कराया गया है. यह सर्वे 29 राज्यों, 5 केन्द्र शासित प्रदेश के 464 जिलों में 43,225 महिलाओं का सैंपल सर्वे है. इस सर्वे की रिपोर्ट 24 सिंतबर को दिल्ली में सार्वजनिक की जाएगी. इसके साथ ही संघ ने पर्यावरण और जलसंकट विषय पर भी अपनी गंभीरता जताई है. संघ ने अपने संगठनों को पेड़ लगाओ, प्लास्टिक छोड़ो और पानी बचाओ का नारा देते हुए समाज में जनजागरण अभियान शुरू करने को कहा है.

शिक्षा नीति को लेकर भी हुई चर्चा
होसबोले ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर भी समन्वय बैठक में चिंतन किया गया. इसके लागू होने से पहले अपनी तरफ से सुझाव भी दिए गए हैं. इसमें कहा गया कि मातृभाषा के प्रयोग और गुणात्मक शिक्षा का प्रोत्साहन हो. जनजातीय क्षेत्रों के विकास पर चर्चा के दौरान धर्मांतरण का मुद्दा जोर शोर से उठा. इसमें कहा गया कि माओवादी और नक्सलवादी इन इलाकों में रहने वाले लोगों में विद्रोह की भावनाएं बढ़ा रहे हैं. इससे निपटने के लिए यहां शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की अधिक संभावनाएं तलाशनी होगी, ताकि वे मुख्य धारा में आ सके. संघ ने केन्द्र सरकार के 100 दिन के कामकाज की रिपोर्ट पर मोदी सरकार की पीठ थपथपाई और कहा कि अच्छा काम हो रहा है.

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First published: September 9, 2019, 5:30 PM IST
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