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आतंकी हमलों से ट्रक ड्राइवरों में भय का माहौल, दोबारा कश्मीर जाने से की तौबा

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: October 25, 2019, 4:41 PM IST
आतंकी हमलों से ट्रक ड्राइवरों में भय का माहौल, दोबारा कश्मीर जाने से की तौबा
कश्मीर गए ट्रक ड्राइवरों के परिजनों में खौफ और दहशत का माहौल व्याप्त है.

ज्यादातर ट्रक चालक मेवात क्षेत्र के हैं. पिछले 10 दिन में अलवर और भरतपुर के ही 3 लोगों की कश्मीर में आतंकवादियों ने हत्या कर दी है.

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अलवर. कश्मीर (Kashmir) में ड्राइवरों पर हो रहे आतंकी (Terrorists) हमलों के बाद से मेवात (Mewat) क्षेत्र के ट्रक ड्राइवरों (truck Driver) और ट्रक मालिकों (Truck Owners) के बीच खौफ का माहौल पैदा हो गया है. यहां के ट्रक मालिक और ड्राइवर दोबारा कश्मीर नहीं जाना चाहते हैं. ट्रक ड्राइवरों के परिजनों का कहना है कि यहीं कमा लेंगे, लेकिन कश्मीर नहीं जाएंगे. इनका कहना है कि आतंकियों के साथ-साथ स्थानीय लोग भी गैर कश्मीरियों पर हमला करते हैं. इसलिए भविष्य में सेव लेने कश्मीर नहीं जाएंगे. ट्रक मालिकों और ड्राइवरों ने कश्मीर जाने से तौबा कर ली है.

गौरतलब है कि कश्मीर में सेव लेने के लिए जाने वाले ज्यादातर ट्रक चालक मेवात क्षेत्र के हैं. पिछले 10 दिन में अलवर और भरतपुर के ही 3 लोगों की कश्मीर में आतंकवादियों ने हत्या कर दी है. बता दें कि कश्मीर से ट्रक का भाड़ा अन्य जगहों की तुलना में 5 गुना ज्यादा मिलता है. अन्य जगहों पर जहां 200 किलोमीटर के लिए 30 हजार रुपए का भाड़ा मिलता है, वहीं कश्मीर में ये भाड़ा डेढ़ लाख रुपए तक मिलता है. इसी वजह से ट्रक मालिक खुद अपने ट्रक लेकर कश्मीर जाते हैं या फिर ड्राइवर रखकर उसे कश्मीर भेजते हैं. अब ट्रक ड्राइवरों की मौत की खबर आने के बाद से दहशत फैल गई है. कोई भी ट्रक मालिक और ट्रक ड्राइवर कश्मीर नहीं जाना चाह रहा है.

कश्मीर गए ट्रक ड्राइवरों के परिजन भयभीत

जम्मू कश्मीर में करीब 2 हजार से अधिक वाहन सेव लाने में लगे हुए हैं. इनमें से ज्यादातर ट्रक ड्राइवर राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं. पिछले 15 दिन में आतंकियों द्वारा राजस्थान के तीन ट्रक चालकों को मौत के घाट उतार दिया गया. कल सोपियां में आतंकियों ने अलवर जिले के खोहाबास निवासी इलयास खान और भरतपुर जिले के पापड़ा थाना गोपालगढ़ निवासी जाहिद की हत्या कर दी. उनकी मौत की खबर सुनने के बाद कश्मीर गए ट्रक ड्राइवरों के परिजनों में खौफ और दहशत का माहौल व्याप्त है.

कश्मीर गए ड्राइवरों से संपर्क नहीं होने के चलते परिजनों की बेचैनी और चिंता बढ़ गई है.


कश्मीर गए ड्राइवरों से संपर्क नहीं होने के चलते परिजनों की बेचैनी और चिंता बढ़ गई है. ट्रक मालिको में खौफ का माहौल है. ट्रक मालिक फिलहाल खाली ट्रक लाने के लिए अपने चालकों से संपर्क करने में जुटे हुए हैं. अलवर जिले के पहाड़ा गांव में 40 से अधिक ट्रक ड्राइवर हैं. गांव में 14 ट्रक मालिक हैं जो खुद ट्रक चलाते हैं या फिर ड्राइवर रखते हैं. इनका कहना है कि वे दोबारा कभी कश्मीर जाना नहीं चाहते.

स्थानीय लोग भी पथराव कर रहे हैं
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पिछले दिनों ही कश्मीर से सेव लेकर लौटे अलवर के पहाड़ा गांव निवासी ट्रक ड्राइवर मुबीन ने बताया कि जम्मू कश्मीर में माहौल टेंशन भरा है. दहशत का माहौल है, वहां आज भी बाज़ार बंद है. उसने बताया कि बाहर से सेव लेने आने वाले गैर कश्मीरियों पर आतंकवादियों के अलावा स्थानीय लोग भी पथराव कर रहे हैं. आतंकी फायरिंग कर देते हैं. मौत का खतरा बना रहता है. उसने कहा कि वह 6 दिन पहले ही कश्मीर से वापस लौटा है. सेव के बागान काफी दूर दराज में हैं जहां सेना की तैनाती कम संख्या में  है. वहां खतरा ज्यादा रहता है. सड़क पर आने पर आर्मी तैनात होने के कारण वहां खतरा कम है.

बुधवार सुबह के बाद से ट्रक ड्राइवरों से संपर्क नहीं हुआ

ट्रक मालिक मुबारक ने बताया कि उनके दो ट्रक सेव लाने के लिए कश्मीर में हैं, लेकिन उनका ट्रक चालकों से बुधवार सुबह 9 बजे के बाद से कोई संपर्क नहीं हो पाया है. बुधवार शाम को उनके पड़ोस के गांव खोहाबास निवासी इलियास खान ट्रक ड्राइवर की गोली मारकर आतंकवादियों ने हत्या कर दी और ट्रक को भी जला दिया. उन्हें अपने दोनों ट्रक ड्राइवरों को लेकर चिंता सता रही है.

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First published: October 25, 2019, 4:41 PM IST
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