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सरकारी राहत से पहले एक बार फिर आसमान से बरसी आफत

सरकारी राहत से पहले एक बार फिर आसमान से बरसी आफत

बहरोड़ क्षेत्र में सोमवार शाम को गर्मी के मौसम में अचानक आसमान से आफत आ बरसी, जो किसानों पर कहर बरपा गई. तेज हवा और बारिश के साथ नींबू व मौसमी जैसे आकार के ओलों से घर के बाहर खड़ें वाहनों, मकानों की खिड़कियों के शीशे व सीमेंट के टीनशेड टूट गए तो वहीं पशुओं को भी भारी नुकसान हुआ है. करीब आधा घंटे हुई ओलावृष्टि से पकी हुई गेहूं की फसल चौपट हो गई. जिससे किसानों व पशु पालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बहरोड़ क्षेत्र में सोमवार शाम को गर्मी के मौसम में अचानक आसमान से आफत आ बरसी, जो किसानों पर कहर बरपा गई. तेज हवा और बारिश के साथ नींबू व मौसमी जैसे आकार के ओलों से घर के बाहर खड़ें वाहनों, मकानों की खिड़कियों के शीशे व सीमेंट के टीनशेड टूट गए तो वहीं पशुओं को भी भारी नुकसान हुआ है. करीब आधा घंटे हुई ओलावृष्टि से पकी हुई गेहूं की फसल चौपट हो गई. जिससे किसानों व पशु पालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

बहरोड़ क्षेत्र में सोमवार शाम को गर्मी के मौसम में अचानक आसमान से आफत आ बरसी, जो किसानों पर कहर बरपा गई. तेज हवा और बारिश के साथ नींबू व मौसमी जैसे आकार के ओलों से घर के बाहर खड़ें वाहनों, मकानों की खिड़कियों के शीशे व सीमेंट के टीनशेड टूट गए तो वहीं पशुओं को भी भारी नुकसान हुआ है. करीब आधा घंटे हुई ओलावृष्टि से पकी हुई गेहूं की फसल चौपट हो गई. जिससे किसानों व पशु पालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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बहरोड़ क्षेत्र में सोमवार शाम को गर्मी के मौसम में अचानक आसमान से आफत आ बरसी, जो किसानों पर कहर बरपा गई. तेज हवा और बारिश के साथ नींबू व मौसमी जैसे आकार के ओलों से घर के बाहर खड़ें वाहनों, मकानों की खिड़कियों के शीशे व सीमेंट के टीनशेड टूट गए तो वहीं पशुओं को भी भारी नुकसान हुआ है. करीब आधा घंटे हुई ओलावृष्टि से पकी हुई गेहूं की फसल चौपट हो गई. जिससे किसानों व पशु पालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

जायजा लेने पहुंचे अधिकारी

आसमान से बरसी आफत से हुए नुकसान को लेकर मंगलवार को एसडीएम विनय कुमार नगायच, तहसीलदार चंदनमल सेन व पटवारी क्षेत्रों के गांवों का दौरा कर जायजा ले रहे हैं. वहीं पूर्व सांसद डॉ. करण सिंह भी क्षेत्र का दौरा कर किसानों से नुकसान की जानकारी ले रहे हैं. पूर्व सांसद ने कहा कि ओलावृष्टि से फसलें चौपट हो गईं, किसानों की फसलों में सौ प्रतिशत नुकसान हुआ है. गरीब लोगों की सीमेंट की टीनशेड टूट गई, सरकार को संवेदनशीलता से काम लेकर केन्द्र सरकार को वास्तविक स्थिति से अवगत कराना चाहिए और किसानों के बिजली के बिलों को माफ करने की मांग करते हुए अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग की गई.

इन इलाकों में नुकसान

क्षेत्र के गांव तसींग, खापरिया, खोहरी, बनहड़, ऊंटोली, कोहराना सहित विभिन्न गांवों में गेहूं, मेथी, चना व सब्जी की खेती चौपट हो गई. किसानों व ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने ओलों से कभी इतनी भयंकर त्रासदी नहीं देखी. किसान प्रशासन व सरकार से सर्वे करवाकर उचित मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. ओलावृष्टि से हुए फसलों में नुकसान का सीधा असर गेहूं व पशु चारे पर पड़ेगा.

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