बीजेपी सांसद चांदनाथ को दी गई समाधि, श्रद्धांजलि देने पहुंची ये शख्सियतें

ETV Rajasthan
Updated: September 17, 2017, 6:37 PM IST
बीजेपी सांसद चांदनाथ को दी गई समाधि, श्रद्धांजलि देने पहुंची ये शख्सियतें
फोटो-(ईटीवी)
ETV Rajasthan
Updated: September 17, 2017, 6:37 PM IST
अलवर से बीजेपी सांसद और महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हास्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया. वे लम्बे समय से केंसर की बीमारी से पीड़ित थे और बीमार चल रहे थे.

सांसद चांदनाथ के निधन पर अलवर जिला सहित हरियाणा के रोहतक स्थित नाथ सम्प्रदाय के आश्रम में शोक की लहर दौड़ गई. अलवर जिले में भाजपा कि ओर से निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए है.

चांदनाथ को श्रद्धांजलि देने के लिए हरियाणा के रोहतक स्थित अस्थल बोहर आश्रम में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ सहित बड़ी संख्या में केंदीय मंत्री और राजनीति से जुड़ी हस्तियां और साधु-संतों ने श्रदांजली अर्पित कर उनके पार्थिव शव पर पुष्प अर्पित किए.

बाबा के पार्थिव शव को शाम 4 बजे समाधी दी गई. सांसद चांदनाथ के निधन के बाद जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिन सहित सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए है. बाबा नाथ सम्प्रदाय की देश की सबसे बड़ी गद्दी गोरखपुर के बाद दूसरे बड़े महंत थे.

bjp mp chand nath
फोटो-(ईटीवी)


हरियाणा के रोहतक बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर के महंत चांदनाथ योगी ने अस्वस्थ होने के चलते ही 29 जुलाई 2017 को रोहतक में अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की थी. उन्होंने बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. इस मौके पर बाबा रामदेव और योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के महंत मौजूद थे.

चांदनाथ अलवर के बहरोड़ से 2004 में उपचुनाव में विधायक चुने गए थे. इसके बाद 2014 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासी को हराकर सांसद बने थे.

दिल्ली के बेगमपुर गांव निवासी मोहर सिंह और चंपादेवी की पहली संतान के रूप में चांदनाथ का जन्म 21 जून 1956 को हुआ था.

bjp mp chand nath
फोटो-(ईटीवी)


चांदनाथ ने दिल्ली के हिन्दू कॉलेज से बीए ऑनर्स में शिक्षा हासिल करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. बाबा धार्मिक मिशनरी, शिक्षण, सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक थे. महंत चांदनाथ 18 साल की उम्र में नाथ साधु बने और हठ योग को प्रोत्साहित करते रहे.

हरियाणा के आश्रम में रहते हुए चांदनाथ ने शिक्षा के क्षेत्र में काम किया. विद्याम जन सेवानाम के लक्ष्य के साथ 50 से अधिक व्यावसायिक पाठयक्रमों के साथ निजी विश्वविद्यालय की शुरुआत की. उन्होंने हिन्ट्री ऑफ मठ अस्थल बोहर, बाबा मस्तनाथ चरित, मस्तनाथ चालीसा, गुरु महिमा, भारत का गौरव (पार्ट 1 व 2) और यात्रा के मोती एवं मस्तनाथ वाणी (मासिक पत्रिका) का प्रकाशन किया.

bjp mp chand nath
फोटो-(ईटीवी)


वे शास्त्रीय एवं आचार्य कोर्सेज को उन्नत करने में महती भूमिका निभाते हुए समस्त भाषाओं की जननी की रक्षार्थ सेवारत रहे. उन्होंने भारतीय कला एवं संस्कृति की रक्षार्थ अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया. रोहतक हरियाणा और हनुमानगढ़ राजस्थान में चेरिटेबल अस्पताल का संचालन करने के साथ-साथ पांच गोशालाओं का संचालन भी किया.

(अलवर से राजेंद्र की रिपोर्ट)
First published: September 17, 2017
पूरी ख़बर पढ़ें
अगली ख़बर