बेटे के जन्म की खुशी मनाने घर लौटने वाला था हवलदार हंसराज... 2 दिन पहले शहीद

अलवर के सपूत हंसराज गुर्जर के घर शुक्रवार को उनके बेटे के जन्म पर कुआं पूजन कार्यक्रम था और वो खुद भी इसमें शामिल होने घर लौटने वाले थे लेकिन दो दिन पहले ही शहीद हो गए.

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 4:30 PM IST
बेटे के जन्म की खुशी मनाने घर लौटने वाला था हवलदार हंसराज... 2 दिन पहले शहीद
हंसराज गुर्जर.
Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 14, 2018, 4:30 PM IST
जम्मू के सांबा सेक्टर के रामगढ़ में पाकिस्तान की ओर से फायरिंग में शहीद हुए बीएसएफ के 4 जवानों में राजस्थान के अलवर निवासी हवलदार हंस राज भी हैं. शहीद हंसराज गुर्जर के घर शुक्रवार को कुआं पूजन(बच्चे के जन्म पर होने वाली रस्म) का कार्यक्रम था और वो खुद भी इसमें शामिल होने घर लौटने वाले थे. लेकिन घर वापसी से दो पहले ही मौत की सूचना से परिवार की खुशियां मातम में बदल गई हैं. परिजन अब उसके शव का इंतजार कर रहे है.

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अपने सपूत के शहीद होने की सूचना के बाद गांव में माहौल गमहीन हो गया है और परिजनों का रो  रोकर बुरा हाल है. अलवर के हरसौरा थाने के मुंगलपुर गावं के इस सपूत के परिजनों ने बताया कि 15 जून को बच्चे के कुआं पूजन का कार्यक्रम है. इसमें शामिल होने हंसराज को बुधवार शाम को या गुरुवार सुबह घर आना था.

शहीद हंसराज 26 जनवरी को ही घर पर छुट्टी बिताकर वापस लौटा था. शहीद के तीन भाई हैं. इनमें शहीद हंसराज सबसे छोटा था. हंसराज के एक दो साल की बेटी कोमल और दूसरा बेटा है. बेटा  पिछले महीने ही 8 तारीख को पैदा हुआ था. इसी बच्चे के जन्म पर कुआं पूजन कार्यक्रम 15 जून को रखा गया था. बेटे के जन्म की खुशी पति के साथ मनाने से पहले ही पत्नी मंजू देवी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. हालांकि पत्नी और शहीद के पिता रामेश्वर और मां छोटा देवी को इस दुखद घटना की सूचना परिजनों की ओर से बुधवार को नहीं दी गई. शहीद हंसराज का जन्म 1990 में हुआ था और 2011 में वह बीएसएफ में भर्ती हुआ था.
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