BJP सांसद चांदनाथ का निधन, राजस्थान से हरियाणा तक शोक की लहर

ETV Rajasthan
Updated: September 17, 2017, 9:50 AM IST
BJP सांसद चांदनाथ का निधन, राजस्थान से हरियाणा तक शोक की लहर
फोटो-(ईटीवी)
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Updated: September 17, 2017, 9:50 AM IST
अलवर से बीजेपी सांसद और महंत चांदनाथ का देर रात दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल में उपचार के दौरान निधन हो गया. वे लम्बे समय से केंसर की बीमारी से पीड़ित थे.

सांसद चांदनाथ के निधन पर अलवर जिला सहित हरियाणा के रोहतक स्थित नाथ सम्प्रदाय के आश्रम में शोक की लहर दौड़ गई. अलवर जिले में भाजपा कि ओर से निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए गए है.

बाबा के पार्थिव शरीर को शाम 4 बजे समाधि दी जाएगी. बाबा के निधन पर यूआईटी चेयरमेन देवी सिंह शेखवात और भाजपा जिला अध्यक्ष धर्मवीर शर्मा ने शोक व्यक्त किया है और जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन सहित सभी कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं. देश में बाबा नाथ सम्प्रदाय की सबसे बड़ी गद्दी के मठाधीश थे.

हरियाणा के रोहतक में बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर के महंत चांदनाथ योगी ने अस्वस्थ होने के चलते ही 29 जुलाई 2017 को रोहतक में अपने उत्तराधिकारी की घोषणा की थी.

उन्होंने बालकनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था. इस मौके पर बाबा रामदेव और योगी आदित्यनाथ सहित कई राज्यों के महंत मौजूद थे.

श्री श्रेयो नाथ योगी के पुत्र महंत चांदनाथ का जन्म 21 जून 1956 को बेगमपुर, दिल्ली में हुआ था. बाबा ने दिल्ली के हिन्दू कॉलेज से बीए ऑनर्स में शिक्षा हासिल करने के बाद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की.

बाबा धार्मिक मिशनरी, शिक्षण, सामाजिक कार्यकर्ता और कृषक थे. महंत चांदनाथ 18 साल की उम्र में नाथ साधू बने और हठ योग को प्रोत्साहित करते रहे. विद्याम जन सेवानाम के लक्ष्य के साथ 50 से अधिक व्यावसायिक पाठयक्रमों के साथ निजी विश्वविद्यालय की शुरुआत की.

उन्होंने हिन्ट्री ऑफ मठ अस्थल बोहर, बाबा मस्तनाथ चरित, मस्तनाथ चालीसा, गुरु महिमा, भारत का गौरव (पार्ट 1 व 2) और यात्रा के मोती एवं मस्तनाथ वाणी (मासिक पत्रिका) का प्रकाशन किया. वे शास्त्रीय एवं आचार्य कोर्सेज को उन्नत करने में महती भूमिका निभाते हुए समस्त भाषाओं की जननी की रक्षार्थ सेवारत रहे.

उन्होंने भारतीय कला एवं संस्कृति की रक्षार्थ अनेक मंदिरों का निर्माण करवाया. रोहतक हरियाणा और हनुमानगढ़ राजस्थान में चेरिटेबल अस्पताल का संचालन करने के साथ-साथ पांच गौशालाओं का संचालन भी किया. अलवर में भी काली मोरी फाटक स्थित हीरानाथ आश्रम में इनका कार्यालय है.

(अलवर से राजेंद्र प्रसाद की रिपोर्ट)
First published: September 17, 2017
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