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Corona Virus: चीन से एयरलिफ्ट कराए गए भारतीयों को अलवर लाया जाएगा
Alwar News in Hindi

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: February 2, 2020, 4:05 PM IST
Corona Virus: चीन से एयरलिफ्ट कराए गए भारतीयों को अलवर लाया जाएगा
चीन में गए भारतीयों को एयरलिफ्ट कर पहला जत्था आज अलवर लाने की संभावना है.

अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल (ESIC Hospital) में कोरोना वायरस (corona virus) से बचाव के लिए चीन में गए भारतीयों को एयरलिफ्ट (Airlift) कर पहला जत्था आज अलवर लाने की संभावना है.

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अलवर. अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल (ESIC Hospital) में कोरोना वायरस (corona virus) से बचाव के लिए चीन में गए भारतीयों को एयरलिफ्ट (Airlift) कर पहला जत्था आज अलवर लाने की संभावना है. इसके लिए ईएसआईसी अस्पताल में संपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं. इस अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीज के लिए 300 बेड की व्यवस्था की गई है. आवश्यकता पड़ने पर यहां बेडों की संख्या बढ़ाई जा सकती है. ईएसआईसी हॉस्पिटल के कोऑर्डिनेटर डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय और कैबिनेट सचिव ने विशेष रूप से अलवर के ईएसआईसी हॉस्पिटल को चुना है.

चीन से भारत आने वालों का एयरपोट पर होगी स्कैनिंग

डॉ. रवि शर्मा ने बताया कि जो कोरोना वायरस से पीड़ित हैं, उन सभी का इलाज चीन में ही किया जा रहा है. पढ़ाई या बिजनेस के लिए जो चीन गए हैं और उनको भारत वापस आना है, उन सभी की स्कैनिंग की जाएगी और पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर उनकी स्क्रीनिंग होगी और अगर वहां पर कुछ लक्षण दिखाई दिए तो उन्हें इलाज के लिए हायर सेंटर पर भेजा जाएगा और जो पूरी तरीके से सही होंगे उन्हें ऑब्जरवेशन के लिए अलवर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा और उन्हें 14 दिन तक अलवर में रखा जाएगा.

भारतीयों को अपने परिजनों से नहीं मिलने दिया जाएगा

चीन से आने वाले भारतीयों को परिजनों से भी 14 दिनों तक नहीं मिलने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अगर 14 दिन के अंदर किसी भी तरीके के कोई लक्षण किसी भी व्यक्ति में वायरस के दिखाई देते हैं तो उन्हें हायर सेंटर पर भेजा जाएगा. अगर लक्षण नहीं मिलते हैं तो ही उन्हें घर भेजा जाएगा. उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में कोई मरीज नहीं आ रहा है, जिन भारतीयों की ट्रेवल हिस्ट्री वायरस प्रभावित इलाके में हैं. उनकी सावधानी के लिए उनको अलग रखा जाएगा और यहां इसलिए आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है. 14 दिन के अंदर अगर कोई संदिग्ध मिलता है तो सरकार के दिशा निर्देश अनुसार उनका इलाज के लिए हायर सेंटर पर भेजा जाएगा.

यहां आइसोलेशन वॉर्ड भी बनाया गया है

उन्होंने बताया कि एक बिल्डिंग को आइसोलेशन वार्ड में पूरी तरीके से तब्दील कर दिया गया है और आवश्यकता पड़ने पर दूसरी बिल्डिंग को बैकअप में रखा गया है. जिला प्रशासन से पूरी मदद दी जा रही है. मरीजों को ऑब्जरवेशन में रहने वाले भारतीयों को बाहर नहीं निकलने दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि अलवर में आइसोलेशन वॉर्ड बनाए जाने के विरोध के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह अफवाह है और कि यहां किसी मरीज को लाया जाएगा.भारतीयों को आइसोलेशन वॉर्ड में रखा जाएगा

उन्होंने कहा कि चीन से लौट रहे भारतीयों को इस आइसोलेशन वार्ड में रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि चीन से आने वाले भारतीय हैं और हमारी जिम्मेदारी है कि उनकी संपूर्ण देखभाल की जाए. उन्हें मरने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है. उन्होंने बताया कि वायरस अगर हाथ लगाने से या देखने से ही फैलता तो अब तक वायरस से पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टर भी इसकी चपेट में आ गए होते.

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First published: February 2, 2020, 4:04 PM IST
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