अलवर में शर्मसार हुई इंसानियत, पिता को बाइक पर ले जाना पड़ा बेटी का शव

अपने कलेजे के टुकड़े को कलेजे से लगाए इस पिता ने अलवर से 22 किलोमीटर दूर अपने गांव तक का सफर किस तरह से तय किया होगा इसका अंदाजा लगाना भी मश्किल है.

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 3, 2018, 7:33 PM IST
Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 3, 2018, 7:33 PM IST
अलवर शहर में शुक्रवार को इंसानियत को शर्मसार और झकझोर देने वाला वाकिया हुआ. एक पिता को अपनी चार साल की बेटी के शव को मोटरसाइकिल पर ही गांव लेकर जाना पड़ा. अपने कलेजे के टुकड़े को कलेजे से लगाए इस पिता ने अलवर से 22 किलोमीटर दूर अपने गांव तक का सफर किस तरह से तय किया होगा इसका अंदाजा लगाना भी मश्किल है.

यह भले ही परिवार की आर्थिक मजबूरी हो या सिस्टम की लाचारी, लेकिन जिसने भी इस दृश्य को देखा तो उसकी नम हुए बिना नहीं रह सकी. अलवर जिले के बड़ौदा मेव थाना इलाके के नसोपुर गांव में गुरुवार रात को सुखविंदर की चार वर्षीया बेटी परविंदर घर के बाहर बने कुंड गिर गई थी. इस पर परिजन तत्काल उसे कुंड में निकालकर अलवर के राजीव गांधी सामान्य अस्पताल पहुंचे. वहां इलाज के दौरान शुक्रवार रात को ही उसकी मौत हो गई. पुलिस ने बच्ची के शव को मोर्चरी में रखवा दिया.

इसके बाद शुक्रवार सुबह बड़ौदा मेव थाना पुलिस पहुंची और पंचनामे की कार्रवाई की. परिजनों ने मृतका के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाने के लिए पुलिस को लिखित में दे दिया. बाद में परिजन उसके शव को मोटरसाइकिल पर अपने गांव ले गए. सुखविन्द्र के तीन बच्चे हैं. गमजदा परविन्द्र से जब इसका कारण पूछा तो वह कुछ नहीं बोल पाया.
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