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हरियाणा और पंजाब की मुर्गियों के 'शुक्रगुजार' हैं अलवर के किसान, जानिए क्यों

किसानों को बाजरे की उपज से अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन दशहरे के आसपास तेज बारिश हुई और बाजरे की फसल खराब हो गई. बाजर ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट: पीयूष पाठक

    अलवर. अलवर जिले में इस बार बाजरे की बंपर पैदावार हुई है. लेकिन, पिछले माह हुई बेमौसम बरसात से कई किसानों का बाजरा भीगकर खराब हो गया है. बारिश में भीगने से बाजरे के दाने काले पड़ गए. इस वजह से से किसानोंं को बाजरे के खरीददार नहीं मिल रहे थे. लेकिन, अब हरियाणा और पंजाब मेंं मुर्गीपालन का व्यवसाय करने वाले लोग अलवर से बाजरे की खरीद कर रहे हैं. ये खरीद होने से किसानों का खराब बाजरा भी सही दाम पर बिक रहा है.

    बारिश ने बिगाड़ा किसानों का खेल

    किसानों ने इस साल 2 लाख 85 हजार हैक्टेयर में बाजरे की बुवाई की थी. किसानों की मेहनत रंग लाई और बाजरे की बम्पर पैदावार हुई. किसानों को बाजरे की उपज से अच्छी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन दशहरे के आसपास तेज बारिश हुई और बाजरे की फसल खराब हो गई. बाजरा काला पड़ गया. ​

    इससे किसानों की उम्मीद टूट गई थी. लेकिन, अब अलवर से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पंजाब व हरियाणा में बाजरे की सप्लाई हो रही है. पंजाब और हरियाणा में मुर्गी के दाने के लिए बाजरे को काम में लिया जाता है. इस कारण अलवर मंडी में बाजरे की मांग बढ़ गई है.

    किसानों को हुआ फायदा

    अलवर मंडी में बाजरा बेचने आए किसानों ने कहा कि अब बाजरे के बेहतर दाम मिल रहे हैं. 1900 से 2300 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब बाजरा बिक रहा है. बारिश के कारण बाजरे फसल खराब होने से पहले कम भाव​ मिल रहे थे. अब बाजरे के सही दाम मिल रहे हैं.

    Tags: Alwar News, Rajasthan news in hindi

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