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राजस्थान में भी चमकी बुखार का खौफ, सतर्क हुई सरकार, अलवर जारी किया अलर्ट

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: June 25, 2019, 9:45 PM IST
राजस्थान में भी चमकी बुखार का खौफ, सतर्क हुई सरकार, अलवर जारी किया अलर्ट
सांकेतिक फोटो।

बिहार में बच्चों में फैल रहे एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार से प्रदेश का अलवर जिला भी चौकन्ना हो गया है. अलवर जिले के हजारों लोग बिहार की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते हैं. चिकित्सा विभाग ने अलवर जिले में अलर्ट जारी कर दिया है.

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बिहार में बच्चों में फैल रहे एक्यूट इनसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) यानी चमकी बुखार से प्रदेश का अलवर जिला भी चौकन्ना हो गया है. अलवर जिले के हजारों लोग बिहार की फैक्ट्रियों में मजदूरी करते हैं. ऐसे में बिहार से आने वाले मजूदरों और उनके परिवार के बच्चों के साथ चमकी बुखार के अलवर में फैलने आशंका बनी हुई है. लिहाजा राज्य सरकार के निर्देश पर चिकित्सा विभाग ने अलवर जिले में अलर्ट जारी कर दिया है.

शिशु अस्पताल में अस्थाई रूप से बनाया वार्ड, जांच जारी
बिहार से अलवर आने वाले कामकाजी मजदूरों के बच्चों के बुखार आने या चमकी वायरल के लक्षण होने पर तुरंत जिला चिकित्सा विभाग के कंट्रोल रूम पर सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि चमकी बुखार के लक्षणों से उसकी पहचान करवाई जा रही है. जिले में विशेष अलर्ट जारी कर रहे हैं. बाहर से आने वाले बीमार बच्चों की जांच की जा रही है. जिले के सबसे बड़े शिशु अस्पताल में अस्थाई रूप से वार्ड भी बना दिया गया है, जहां चमकी बुखार से पीड़ित मरीज आने पर भर्ती किया जाएगा. यह बीमारी 10 साल तक के बच्चों पर अधिक अटैक कर रही है.

बचाव ही सबसे बड़ा उपाय

डॉ. मीणा ने बताया कि जिले में सभी सरकारी और निजी अस्पताल में इलाज के लिए आ रहे बच्चों की स्कैनिंग की जा रही है. आउटडोर और इंडोर मरीजों के लक्षणों को चमकी बुखार के लक्षणों से क्रॉस चेक करवाया जा रहा है. चमकी बुखार से बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है. इसका अभी तक कोई टीका और दवाई नहीं बनी है. यह बुखार वायरस से फैलता है. इसलिए अन्य वायरल के हिसाब से ही ट्रीटमेंट किया जाता है.

बकौल सीएमएचओ डॉ. ओमप्रकाश मीणा चमकी बुखार के ये हैं लक्षण
- बच्चे को अचानक तेज बुखार आना.
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- हाथ पैर में अकड़ आना/टाईट हो जाना.
- बच्चे का बेहोश हो जाना या करेड़ा आना.
- बच्चों के शरीर का चमकना/ कांपना.
- शरीर पे चकते निकलना/शरीर में गूलकोज का कम हो जाना

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
- बच्चों को चमकी बुखार से बचाने के लिए उन्हें धूप से दूर रखें.
- हल्का साधारण खाना खिलाएं. बच्चों को जंक फूड से दूर रखें.
- खाली पेट लिची ना खिलाएं. रात को खाने के बाद थोड़ा मीठा जरूर खिलाएं.
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें. कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करें.
- रात को सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें. पूरे बदन पर कपड़ा पहनाएं.
- सड़े गले फलों का सेवन ना कराएं. केवल ताजे फल ही खिलाएं.
- बच्चों के शरीर में पानी की कमी ना होने दें. बच्चों को अधिक से अधिक पानी पिलाएं.

बिहार में अब तक हो चुकी हैं 170 बच्चों की मौत
उल्लेखनीय है कि चमकी बुखार से अब तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में 170 बच्चों की मौत हो चुकी है. इनमें सबसे ज्यादा मुजफ्फरपुर में 133 बच्चों की मौत शामिल है. हाजीपुर में 11, समस्तीपुर में 6, मोतिहारी में 7 बच्चों की मौत हुई है. पटना में 1, शिवहर में 2, भागलपुर में 5, बेगूसराय में 1, भोजपुर में 1, सीवान में 2 और बेतिया 1 बच्चे की मौत हुई है.

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First published: June 25, 2019, 3:35 PM IST
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