सुकमा में शहीद हुए लक्ष्मण सिंह का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार

सुकमा में शहीद हुए अलवर के लक्ष्मण सिंह को अंतिम विदाई देने उनके पैतृक गांव सुंदरवाड़ी (मुंडावर ) में हजारों लोग उमड़े. देशभक्ति के नारों के बीच नम आंखों से लक्ष्मण की शहादत को सलाम किया गया. राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ.

ETV Rajasthan
Updated: March 14, 2018, 4:41 PM IST
सुकमा में शहीद हुए लक्ष्मण सिंह का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
सुकमा में शहीद हुए अलवर के लक्ष्मण सिंह राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ.
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Updated: March 14, 2018, 4:41 PM IST
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में नक्सली हमले में  शहीद हुए अलवर के लक्ष्मण सिंह का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. शहीद को अंतिम विदाई देने उनके पैतृक गांव सुंदरवाड़ी (मुंडावर ) में हजारों लोग उमड़े. देशभक्ति के नारों के बीच नम आंखों से लक्ष्मण की शहादत को सलाम किया गया. सुकमा में नक्सलियों की ओर से किए आईईडी ब्लास्ट में सीआरपीएफ के 9 जवान शहीद हुए थे और उनमें लक्ष्मण सिंह भी शामिल थे.

शहीद लक्ष्मण सिंह सीआरपीएफ की 212 बटालियन में तैनात थे. जानकारी के अनुसार लक्ष्मण सिंह अभी चार दिन पहले ही 10 मार्च को घर से ड्यूटी पर गए थे. लक्ष्मण सिंह जिला मुख्यालय के मोतीनगर में रहते थे. कुछ वर्षों पूर्व ही उन्होंने यहां घर बनवाया था.

परिजनों ने बताया कि कुछ माह पहले ही लक्ष्मण सिंह के पिता आशाराम का निधन हुआ था. पिता के निधन से जैसे तैसे परिवार उबरा था अब लक्ष्मण सिंह की खबर से पूरा परिवार टूट गया है. शहीद लक्ष्मण सिंह वर्ष 2000 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे. वे चार भाई-बहनों में सबसे छोटे थे. उनका एक भाई  दिल्ली पुलिस और दूसरा जीआरपी में कार्यरत है.
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