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श्मशान में चल रहा ये स्कूल, दाह संस्‍कार करने के बाद कर दी जाती है 3 दिन की छुट्टी

श्मशान में चल रहा ये स्कूल, दाह संस्‍कार करने के बाद कर दी जाती है 3 दिन की छुट्टी

श्‍मशान भूमि पर बनी छतरियों में बैठकर शिक्षा प्राप्‍त कर रहे छात्र. फोटो-(ईटीवी)

श्‍मशान भूमि पर बनी छतरियों में बैठकर शिक्षा प्राप्‍त कर रहे छात्र. फोटो-(ईटीवी)

अलवर जिले में रैणी के गढ़ी सवाईराम कस्‍बे में एक सरकारी स्‍कूल राजपूत समाज के श्‍मशान भूमि पर चल रहा है. यह हालात आजादी के बाद से चले आ रहे हैं, मगर प्रशासन है कि ध्‍यान ही नहीं देता.

    अलवर जिले में रैणी के गढ़ी सवाईराम कस्‍बे में एक सरकारी स्‍कूल राजपूत समाज के श्‍मशान भूमि पर चल रहा है. यह हालात आजादी के बाद से चले आ रहे हैं, मगर प्रशासन है कि ध्‍यान ही नहीं देता.

    जी हां, गढ़ी सवाईराम के आर्दश उच्‍च प्राथमिक विघालय के छात्र श्‍मशान भूमि पर बनी छतरियों में बैठकर शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं. इस विद्यालय को वर्तमान में उच्‍च माध्‍यमिक विद्यालय में मर्ज किया जा चुका है, लेकिन वहां भी भवन के अभाव में बैठने के लिए जगह नहीं मिली और कक्षा 1 से आठ तक के करीब 180 छात्र मरघट की जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं.

    यह सुनने में अजीब लगे, लेकिन यह सच है कि करीब 50 वर्ष पुराने इस विद्यालय के पास अपना भवन नहीं है. ठीकाना गढ़ी सवाईराम के ठाकुर भवानी सिंह की परिवारिक श्‍मशान भूमि पर चल रहे विद्यालय में ठाकुर परिवार के मृत लोगों का दाह संस्‍कार किया जाता है और दाह संस्‍कार के दौरान विद्यालय की तीन दिन के लिए छुट्टी कर दी जाती है, जिससे कि बच्‍चों में भय व्‍याप्‍त ना हो.

    डिजिटल इंडिया के इस दौर में आज भी गढ़ी सवाईराम के बच्‍चों को श्‍मशान भूमी पर पढाई करनी पड़ रही है. इस विद्यालय के भवन के नाम पर राजपूत समाज के मृत लोगों के नाम पर बनी छतरियों में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं. सरकार की ओर से दो कमरे बनाए हुए हैं जो अपर्याप्‍त हैं.

    Tags: Rajasthan Education Department

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