इनसाइड स्टोरी- बहरोड़ थाने पर AK-47 से हमले की साजिश थाने की ही एक कोठरी में रची गई थी

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 8, 2019, 11:40 AM IST
इनसाइड स्टोरी- बहरोड़ थाने पर AK-47 से हमले की साजिश थाने की ही एक कोठरी में रची गई थी
अलवर जिले बहरोड़ थाने में पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत के खेल के चलते हार्डकोर अपराधी विक्रम उर्फ पपला को उसके साथी फायरिंग करते हुए लॉकअप तोड़कर फरार करा ले गए. बहरोड़ थाने पर बदमाशों द्वारा बरसाई गोलियों के निशान पुलिस के प्रतीक चिन्ह पर लगे हैं। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

राजस्थान के अलवर के जिले के बहरोड़ थाने (Behror Police Station) पर AK-47 से हमले की रणनीति (Attack strategy) थाने की ही एक कोठरी में रची गई थी. बहरोड़ थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की अपराधियों से मिलीभगत (Collusion with criminals) अब धीरे-धीरे उजागर (Exposed) हो रही है. पुलिस महानिदेशक (Director General of police) का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

  • Share this:
अलवर (Alwar) जिले के बहरोड़ थाने (Behror Police Station) पर AK-47 से हमले की रणनीति (Attack strategy) थाने की ही एक कोठरी में रची गई थी. मामले में बहरोड़ थाने के कुछ पुलिसकर्मियों की अपराधियों से मिलीभगत (Collusion with criminals) अब धीरे-धीरे उजागर (Exposed) हो रही है. थाने में ही मौजूद पुलिस के कुछ कारिंदों ने पहले बदमाशों से के गुर्गों से सौदेबाजी (Deal) की, लेकिन जब मामला बिगड़ गया तो बहरोड़ थाने पर हमले जैसी साजिश रची गई. इस मामले में पुलिस महानिदेशक (Director General of police) का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है. दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत
पुलिस सूत्रों के अनुसार अलवर जिले बहरोड़ थाने में पुलिस की लापरवाही और मिलीभगत के खेल के चलते हार्डकोर अपराधी विक्रम उर्फ पपला को उसके साथी फायरिंग करते हुए लॉकअप तोड़कर फरार करा ले गए. दसअसल पुलिस गुरुवार देर रात विक्रम उर्फ पपला को पकड़ कर थाने में लेकर आई थी. पुलिस को पपला के पास 31.90 लाख रुपए की नगदी और हथियार मिले थे. पुलिस ने पपला को थाने लाकर पूछताछ की तो उसने अपना नाम साहिल बताया. उसने खुद पास रखी 31.90 लाख रुपए की राशि को बुआ के प्लॉट की रजिस्ट्री करवाने के लिए लेकर आने की बात कही.

सौदेबाजी के लिए थाने से ही फोन कर बुलाया गया

इस दौरान पुलिस ने रोजनामचे में कोई रिपोर्ट नहीं डाली और मोटी रकम ऐंठने के चक्कर में सौदेबाजी में लग गई. पुलिस थाने से हरियाणा की डॉक्टर कुलदीप की गैंग के सदस्य को फोन कर सौदेबाजी के लिए वहां बुलाया गया. बाद में थानाप्रभारी ने मामला बड़ा होने से तर्क देकर जप्त राशि को शुक्रवार को सुबह 7-8 बजे के करीब ड्यूटी ऑफिसर के आने पर रोजनामचे में पुलिस एक्ट-38 के तहत जब्त दिखाकर रपट डाल दी. इस रिपोर्ट में आरोपी पपला का नाम साहिल बताया गया है.

सौदा तय नहीं हुआ तो रची हमले की साजिश
दूसरी तरफ एक पुलिसकर्मी ने सौदेबाजी के लिए कुलदीप गैंग के गुर्गों और जखराना ग्राम पंचायत के वर्तमान सरपंच एवं बहरोड़ थाने के हिस्ट्रीशीटर विनोद स्वामी को थाने में बुलाया. विनोद स्वामी अपने साथी कैलाशचंद के साथ थाने में आया. वहां रुपए अधिक मांगने के चलते नहीं बात नहीं पाई. बात बिगड़ने के बाद वे वापिस चले गए. बाद में थाने से ही फोन पर सारी सूचनाएं और रणनीतिक जानकारी बदमाशों को दी गई. पुलिसकर्मी के इशारे पर डाक्टर कुलदीप और महाकाल की गैंग से जुड़े अपराधी सुबह करीब 9 बजे हथियारों के साथ बहरोड़ थाने पर AK-47 जैसी राइफल और अत्याधुनिक हथियारों से अटैक किया और पपला को छुड़ाकर ले गए.
Loading...

डीजीपी बोले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी
बहरोड़ थाने में पुलिसकर्मियों की बदमाशों से मिलीभगत और सौदेबाजी के बारे में पूछे गए सवाल पर डीजीपी भूपेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि इसकी जांच की जा रही है, जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

साजिश या हिमाकत ! किसके इशारे पर हुआ बहरोड़ थाने पर AK-47 से हमला ?

बहरोड़ थाने पर हमला- पपला से बरामद राशि किसकी है, 'वसूली' की या 'सुपारी' की

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अलवर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 8, 2019, 11:36 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...