अलवर में शराब ठेके के सेल्समैन को जिंदा जलाया! दलित समाज में आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

शव डीप फ्रीज के अंदर पड़ा मिला बताया जा रहा है.
शव डीप फ्रीज के अंदर पड़ा मिला बताया जा रहा है.

अलवर (Alwar) में दो दिन पहले शराब के ठेके में जिंंदा जल जाने से दलित शराब सेल्समैन (Dalit liquor salesmen) की मौत हो गई थी. अब मृतक के भाई ने सनसनीखेज आरोप लगाए हैं.

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अलवर. करौली के पुजारी हत्याकांड (Karauli priest murder case) के बाद अब अलवर जिले के खैरथल थाना इलाके में एक दलित शराब सेल्समैन (Liquor salesman) को कथित रूप से पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला देने का मामला सामने आया है. घटना के बाद दलित समाज में जबर्दस्त आक्रोश फैला हुआ है और समुदाय के लोगों ने आंदोलन की चेतावनी दी है. शराब ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव फरार हैं. पुलिस का कहना है कि मौके पर एफएसएल टीम बुलाकर जांच कराई जाएगी. मामले में और साक्ष्य जुटाने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी. दुकान की चाबी मृतक के पास ही मिली है.

पुलिस के अनुसार, वारदात दो दिन पहले की बताई जा रही है. खैरथल थाना इलाके के कूमपुर गांव में एक शराब के ठेके में शनिवार रात को आग लगने से वहां कार्यरत झाड़का निवासी सेल्समैन कमलकिशोर (22) की जिंदा जल जाने से मौत हो गई थी. मृतक के भाई रूप सिंह ने इस संबंध में खैरथल थाने में एफआईआर दर्ज करवाई है. अपनी प्राथमिकी में उन्‍होंने आरोप लगाया है कि कमलकिशोर ने जब सैलरी मांगी तो उनकी जला कर हत्या कर दी गई.

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ठेकेदार बुलाकर ले गये थे
प्राथमिकी में रूप सिंह ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव शनिवार शाम को कमलकिशोर को बुलाकर ले गए थे. बाद में रात में पेट्रोल छिड़ककर दुकान को आग के हवाले कर दिया. इससे कमलकिशोर की मौत हो गई. रविवार को सुबह आग की सूचना पर सभी वहां पहुंचे तो देखा की शटर बंद था. शटर खोला तो अंदर का दृश्य देखकर रोंगटे खड़े हो गए. पूरी दुकान जली हुई थी और उनका भाई डीप फ्रीज के अंदर मृत पड़ा था. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को खैरथल सैटेलाइट हॉस्पिटल में रखवाया. वहां परिजन ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे. दिनभर विवाद के बाद शाम को पुलिस की समझाइश करने के बाद मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया गया था.

5 महीने से ठेके पर सेल्समैन का काम कर रहा था
रूप सिंह का आरोप है कि कमलकिशोर करीब 5 महीने से ठेके पर सेल्समैन का काम कर रहा था. इस अंतराल में वह पहली बार रात को ठेके पर रुका था. उसकी पिछली सैलरी बकाया थी. इसलिए वह घर पर आ गया था. शनिवार शाम को ठेकेदार और उसके साथी घर आये और कमल किशोर को अपने साथ ले गए थे. परिजनों ने आरोप लगाया है कि ठेके के पीछे की ओर छेद से पेट्रोल या अल्कोहल छिड़क कर आग लगाई गई है. आग फैलने के बाद उसका भाई जान बचाने के लिए डीप फ्रिज में गया, जहां उसकी जिन्दा जलने से मौत हो गई. शराब के ठेके में आग लगने के बाद से ही ठेकेदार सुभाष और राकेश यादव फरार हैं. दुकान में लाखों का माल जलने के बाद भी वे सामने नहीं आए.
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