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राजस्थान क्यों बनता जा रहा है देश की 'हेट क्राइम कैपिटल'?

प्रतीकात्मक फोटो

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चाहे वह रोज मजदूरी करने वाले हो या गाय मांस बेचने के संदेह पर मांस विक्रेता की हत्या हो, राजस्थान धीरे-धीरे भारत का हेट ...अधिक पढ़ें

    देबायन रॉय

    राजस्थान अब सिर्फ सूरज और रेत की भूमि नहीं रहा. हाल में भीड़ की ओर से पीट-पीट कर की गई हत्याओं और गोरक्षकों की ओर से अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के चलते लोग अब इस डर के साये में हैं कि यह भारत का 'हेट क्राइम कैपिटल' बनता जा रहा है. 28 वर्षीय रकबर खान के मारे जाने के कुछ महीने पहले ही राज्य के राजसमंद जिले में मुहम्मद अफराजुल की हत्या कर दी गई थी.

    चाहे वह रोज मजदूरी करने वाले हो या गाय मांस बेचने के संदेह पर मांस विक्रेता की हत्या हो, राजस्थान धीरे-धीरे भारत का हेट क्राइम कैपिल बनने के रास्ते पर है. हालांकि, अल्पसंख्यकों के प्रति हिंसा का पैटर्न हाल ही में राजस्थान में नहीं है और बीते कुछ दशकों में बड़े स्तर पर फैल चुका है.

    1992 का कुम्हेर नरसंहार उन लोगों की यादों में है जिन्होंने डरावनी घटना को सामने देखा. यह राजस्थान का पहला और सबसे डरावना दलित नरसंहार था जिसमें भरतपुर जिले में 15 लोग मारे गए थे. फिर, सितंबर 2010 में, हिंदू कार्यकर्ताओं में मुख्य रूप से मीणा जनजाति ने मुस्लिमों पर हमला किया और उनकी संपत्तियों को नष्ट कर दिया.लगभग 50 घर, फसल, अनाज भंडार, कृषि उपकरण क्षतिग्रस्त किए गए और मवेशी लूट लिए गए थे. फिर मुसलमान भाग गए.

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    इसके बाद स्वामी माधोपुर जिला स्थित सूरवाल गांव में, एक पुलिस इंस्पेक्टर फूल मोहम्मद को जला दिया गया. मानवाधिकार संगठन अभी भी मामले में जांच की मांग कर रह हैं. News18.com बीते 2 साल में अल्पसंख्यकों पर हुए कुछ हमलों को आपके सामने रख रहा है. अभी तक इन मामलों में कोई भी कानूनी सजा नहीं मिली है.

    अब्दुल गफ्फार कुरैशी की 30 मई 2015 को हत्या

    जगह: बिरलोका राजस्थान

    राजस्थान के जयपुर से लगभग 350 किमी दूर बिरलोका गांव के निवासी, एक मांस की दुकान के मालिक अब्दुल गफार कुरैशी को ग्रामीणों की भीड़ ने मार दिया. उनका मानना था कि कुरैशी जल्द ही गोमांस बेचना शुरू कर सकते हैं.

    30 मई को कुम्हारी गांव के एक इलाके में लगभग 200 गायों के शवों को फेंक दिए गए थे, जिसे मवेशी शवों का निपटान करने के लिए नगर पालिका के ठेकेदार द्वारा किराए पर लिया गया था. इसे रोजमर्रा का काम कहा जा रहा था. व्हाट्सएप और फेसबुक पर एक संदेश फैलना शुरु हुआ कि मुसलमानों की एक दावत के लिए 200 गायों को मारा गया. इसके बाद ही लोगों का गुस्सा बढ़ने लगा.

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    जल्द ही, भीड़ ने कुरैशी पर हमला किया सबसे पहले उनकी दुकान को नष्ट कर दिया, और फिर उन्होंने उसे मार दिया और उसके घर को बर्बाद कर दिया.

    लीगल स्‍टेटस: राज्य और केंद्र सरकारों ने गफ्फर के परिवार को मुआवजे के रूप में 8 लाख रुपये दिए थे. पुलिस द्वारा गिरफ्तार तीन लोग अब जेल में हैं, जबकि सात अन्य लोग फरार हैं.

    16 जून, 2017 को जफर इस्लाम की हत्या

    स्थान: प्रतापगढ़, राजस्थान

    55 वर्षीय सीपीआई (एमएल) कार्यकर्ता जफर इस्लाम को स्थानीय नगरपालिका अधिकारियों ने मारा था जब उन्होंने खुले में शौच कर रही महिलाओं की तस्वीर खींचने से रोकने की कोशिश की थी. आरोपियों में से एक शहर के सिविल बॉडी कमिश्नर अशोक जैन हैं.

    यह घटना बगवासा कच्ची बस्ती इलाके के पास हुई थी जहां सिविल कर्मचारी स्वच्छ भारत अभियान के हिस्से की खुली और साफ-सफाई में उपस्थित महिलाओं की तस्वीरें क्लिक कर रहे थे. मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे  ने उनकी हत्या को "दुर्भाग्यपूर्ण" कहा था.

    लीगल स्‍टेटस:  अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं.

    सितबंर 2017 में अहमद खान की हत्या

    जगह: दांतल गांव राजस्थान

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    एक स्थानीय पुजारी ने लोक गायक अहमद खान पर हिंदू देवी के लिए भजनों को पढ़ते समय गलतियां करने का आरोप लगाया. खान लांगा मंगनियार समुदाय का सदस्य था जो कई पीढ़ियों से हिंदू धार्मिक गीत और मंदिरों और लिए त्‍योहारों में आध्यात्मिक छंद गाता था.

    गांव के पुजारी रमेश सुथार ने लोक गायक पर "अच्छा गाना नहीं गाने" का आरोप लगाया. आरोप भी लगाए गए थे कि खान के गीत "अलौकिक शक्तियों का आह्वान" करने में सक्षम नहीं थे. पुजारी और उसके दो भाइयों ने कथित रूप से खान को मार दिया. इसके बाद कम से कम 200 मुसलमान गांव से भाग गए और जैसलमेर में शेल्टर में रहने लगे.

    लीगल स्‍टेटस: पुलिस का कहना है कि रमेश सुथार को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उनके भाई फरार हैं.

    12 नवंबर, 2017 को उमर मुहम्मद की हत्या

    जगह: फहारी, राजस्थान

    9 ओर 10 नवम्बर की रात को मारकपुर के तीन चार लोगों को सूचना मिली कि एक पिकअप गाड़ी में गोतस्कर गायों को लेकर जा रहे हैं. इसके बाद मुख्य सरगना ओर इस कथित गोरक्षकों के मास्टरमाइंड भगवान सिंह और रामवीर सहित 6 लोगों ने पिकअप को रुकवाने की कोशिश की तो गोतस्करों ने पिकअप नहीं रोकी. इसके बाद दोनों और फायरिंग की गई. जिसमें उमर खान की मौत हो गई जबकि ताहिर को गोली लग गई. जबकि ड्राइवर जावेद उर्फ जब्बार भागने में कामयाब हो गया.

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    लीगल स्‍टेटस: भगवान सिंह और राम सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है. ताहिर और जावेद को तस्करी  के आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और अब राजस्थान बोवाइन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है.

    तालिम हुसैन की 6 दिसंबर 2017 को हत्या

    जगह: जनता कॉलोनी, अलवर

    राजस्थान पुलिस ने अलवर शहर के बाहरी इलाके में एक कथित गाय तस्कर को गोली मार दी. कुछ लोगों को मवेशियों को पिक-अप वैन में लोड करते हुए देखा गया.पुलिस ने दावा किया कि यह एक मुठभेड़ था, लेकिन एक्टिविस्टस का कहना है कि उन्हें कथित तस्करों द्वारा काउंटर फायरिंग का कोई सबूत नहीं मिला. मेव पंचायत के सदस्यों ने भी सवाल किया कि क्यों कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ.

    लीगल स्‍टेटस: कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला.

    मोहम्मद अफराजुल की हत्या 7 दिसंबर 2017 को हत्या

    जगह: राजस्थान के राजसमंद जिले में

    पश्चिम बंगाल में मालदा के रहने वाले मोहम्मद अफराजुल पर राजस्थान के राजसमंद जिले में कुल्हाड़ी से हमला किया गया था और फिर उसे जिंदा जला दिया गया था. इसका वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ था. वीडियो में एक व्यक्ति लव जिहाद के बारे में कुछ बोल रहा था. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हत्या की निंदा करते हुए इस घटना को अमानवीय बताया था.

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    लीगल स्‍टेटस: IPC की धारा 302 (हत्या) के तहत शंभूलाल को गिरफ्तार कर लिया गया है. राजस्थान सरकार ने अफराजुल के परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजा दिया, जबकि पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी सरकार ने 3 लाख रुपये दिया.

    रकबर खान की 21 जुलाई 2018 को हत्या

    राजस्थान के अलवर जिले में गो तस्करी के शक में रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. 28 वर्षीय युवक के साथ की गई कथित मारपीट के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और तीन अन्य लोगों की पहचान कर ली गई है. उन्होंने बताया कि रकबर खान की हत्या के सिलसिले में आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है और मारपीट के आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जायेगी.

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    लीगल स्‍टेटस:  घटना के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और घटना की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी कर रहे हैं. पुलिस ने बताया कि भीड़ द्वारा मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार धर्मेन्द्र यादव और परमजीत सिंह, नरेश सिंह को गिरफ्तार किया गया था.

    Tags: Mob lynching, Rajasthan latest news

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