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अलवर में भीड़ की पिटाई से दलित युवक की मौत, सियासत गरमायी, Mob Lynching Act पर पुलिस ने दिया ये तर्क

पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा 302 और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी है.

पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा 302 और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी है.

Mob Lynching in Alwar: मॉब लिचिंग के मामलों में देशभर में बदनाम हो चुके अलवर जिले में एक और युवक भीड़ का शिकार होकर अपनी जान से हाथ धो बैठा. इस मामले में अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होने से सियासत गरमाने लग गई है.

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अलवर. अलवर जिले में एक दलित युवक (Dalit youth) की समुदाय विशेष के लोगों की ओर से की गई पिटाई से हुई मौत (Death) के मामले में सियासत गरमाने लग गई है. बीजेपी और बसपा (BJP-BSP) गहलोत सरकार पर हमलावर हो गई है. बीजेपी और बसपा नेताओं ने इस मामले को लेकर गहलोत सरकार के मॉब लिंचिंग एक्ट (Mob Lynching Act) पर भी तंज कसा है कि यह कैसा एक्ट है जिसमें अब तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई है. वहीं पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम का कहना है कि एक्ट के पास होने पर नोटिफिकेशन जारी होता है. लेकिन अभी तक मॉब लिंचिंग एक्ट का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है. इसलिए मॉब लिंचिंग की धाराओं में मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है. हत्या की धाराओं में आरोपितों को सजा दिलवाने के काम किया जा रहा है.

दरअसल 15 सितंबर को 19 वर्षीय योगेश बाइक पर अपने गांव भटपुरा जा रहा था. इस दौरान एक बालिका बाइक से टकरा गई थी. इस पर समाज विशेष के लोगों ने योगेश की जोरदार पिटाई कर डाली. दोनों पक्षों ने इस संबंध में 17 सितंबर को बड़ौदा मेव थाने में एक्सीडेंट और मारपीट का मामला दर्ज कराया था. उसके बाद मारपीट में घायल हुये युवक की 3 दिन बाद जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई. इससे गुस्साये युवक के परिजनों और ग्रामीणों ने बड़ौदा मेव कस्बे में अलवर-भरतपुर मार्ग पर जाम लगा दिया था. युवक की मौत के बाद परिजनों ने समाज विशेष के लोगों के खिलाफ उसकी पीट पीटकर हत्या करने का मामला दर्ज करवाया. पुलिस ने पूर्व में दर्ज मारपीट के मामले में हत्या की धारा 302 और SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ दी है.

अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई
घटना के बाद पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं की है. मृतक के परिजनों और बीजेपी नेता ज्ञानदेव आहूजा ने मॉब लिंचिंग की धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है. एएसपी श्रीमन मीणा ने बताया कि मामले की जांच लक्ष्मणगढ़ पुलिस उपाधीक्षक राजेश शर्मा को सौंपी गई है. इस बारे में गहलोत सरकार के श्रम मंत्री टीकाराम जूली ने कहा कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच होगी. जो भी आरोपी होंगे उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे.

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