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पहलू खान मॉब लिंचिंग केस: इन 3 वजहों से बरी हो गए सभी 6 आरोपी

पहलू खान मॉब लिंचिंग केस का अहम सबूत मानी जा रही वीडियो को कोर्ट ने खारिज कर दिया है.
पहलू खान मॉब लिंचिंग केस का अहम सबूत मानी जा रही वीडियो को कोर्ट ने खारिज कर दिया है.

अलवर में माॅब लिंचिंग (mob lynching case) के शिकार हुए हरियाणा के नूंह मेवात निवासी पहलू खान (pahalu khan) की मौत के करीब सवा दो साल बाद बुधवार को 6 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. यहां पढ़ें, क्यों मिला आरोपियों को संदेह का लाभ?

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 18, 2019, 12:11 PM IST
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राजस्थान के अलवर में 1 अप्रैल, 2017 को माॅब लिंचिंग (mob lynching case) के शिकार हुए हरियाणा के नूंह मेवात निवासी पहलू खान (pahalu khan) की मौत के करीब सवा दो साल बाद बुधवार को 6 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया. पहलू खान अपने दो बेटों के साथ जयपुर के हटवाड़े से गाय लेकर हरियाणा जा रहा था और उसी दौरान अलवर के बहरोड़ में भीड़ने तीनों की जमकर पिटाई कर दी थी.

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इस पिटाई के तीन दिन बाद 4 अप्रैल, 2017 को बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में इलाज के दौरान पहलू खान की मौत हो गई थी. इस मामले में कोर्ट में चालान के बाद नियमित सुनवाई हुई लेकिन पुलिस जांच में ऐसी कई खामिया रही जिनके चलते कोर्ट में पहलू खान का पक्ष कमजोर पड़ा और आखिर संदेह के लाभ पर आरोपी बरी हो गए.
पहलू खां के पक्ष को कमजोर बनाने वाले 3 कारण

1. जिस वीडियो को आधार बनाया उसकी जांच नहीं करवाई

मॉब लिंचिंग और पहलू खान के साथ मारपीट का दावा जिस वीडियो के आधार पर किया गया उसकी एफएसएल जांच नहीं करवाई गई थी. पुलिस कोर्ट में वीडियो की सत्यता प्रमाणित नहीं कर पाई और इसे एडमिसेबल एविडेंस नहीं माना गया.

2. वीडियो के सोर्स के रूप में मोबाइल जब्त नहीं किया गया

पुलिस ने अपनी जांच में वीडियो का हवाला दिया लेकिन उसके सोर्स के रूप में वीडियो वाले मोबाइल को जब्त नहीं किया गया. वीडियो की जांच के लिए मोबाइल कोर्ट में नहीं पेश किया जा सका.

3. पहलू खान के बेटे हमलावरों को पहचान नहीं सके

पहलू खान और उसके दो बेटों के साथ मारपीट की गई थी. लेकिन जांच के दौरान पहलू खान के दोनों बेटे हमलावरों/आरोपियों की पहचान नहीं कर सके. इससे आरोपियों को संदेह का लाभ मिला.

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फाइल फोटो- अस्पताल में भर्ती पहलू खान.


4. कई अन्य कारण भी
नूंह मेवात निवासी पहलू खान को मारपीट के बाद बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया था. वहां इलाज के दौरान पहलू खान की मौत हुई. मौत की वजह पसली टूटना बताया गया, जबकि एक चिकित्सक ने उसे दिल का मरीज बताया गया और इलाज चलने की बात सामने आई. पहलू खान पक्ष इस मसले पर सत्यापित दस्तावेज नहीं पेश कर सकी. जो रिपोर्ट में दस्तावेज थे उनपर डॉक्टर या मजिस्ट्रेट का सत्यापन नहीं था.

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