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अलवर में बढ़ रही गौ तस्करी को लेकर पुलिस अलर्ट, ग्रामीणों से कर रही समझाइश

News18 Rajasthan
Updated: October 19, 2019, 2:24 PM IST
अलवर में बढ़ रही गौ तस्करी को लेकर पुलिस अलर्ट, ग्रामीणों से कर रही समझाइश
गौ तस्करी की घटनाओं को लेकर पुलिस हुई सतर्क

अलवर जिले में गौ तस्करों का आतंक लगातार जारी है. जिले में पिछले 24 घंटे में ही दो मामले सामने आए है, जिनमे पुलिस ने दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया और 31 गोवंश को मुक्त कराया है.

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अलवर. राजस्थान के अलवर (alwar) जिले में गौ तस्करी (Cow smuggling) की वारदातें थमने का नाम नही ले रही है. अलवर जिले में गौ तस्करों का आतंक लगातार जारी है. जिले में पिछले 24 घंटे में ही दो मामले सामने आए है, जिनमे पुलिस ने दो गौ तस्करों को गिरफ्तार किया और 31 गौवंश को मुक्त कराया है. जिले में गौ तस्करी रोकने के लिए गौरक्षा चौकी भी बनाई गई है, लेकिन अब ये गौरक्षा चौकी नाम मात्र की गौरक्षा चौकी बनकर रह गई है. इन चौकियों पर पिछले कई महीनों से एक भी गौ तस्करी की वारदात को नही रोका गया है.

मौजूदा समय में अलवर जिले में  है 4 गौरक्षा चौकी 

अलवर पुलिस जिले में 4 गौरक्षा चौकी है, जबकि भिवाड़ी पुलिस (Bhiwadi Police)जिले में दो गौरक्षा चौकी स्थापित है, लेकिन स्थापना के बाद ही इन गौरक्षा चौकियों की कार्यशैली ओर सवाल खड़ा होता रहा है. चौकियों पर स्टाफ की कमी और मौजूदा स्टाफ की गोतस्करों से मिलीभगत के आरोप लगते रहे है. इसके बाद उन्हें पूर्व में पुलिसकर्मियों को गौरक्षा चौकियों से हटाया भी जा चुका है. चारों तरफ नाके लगाए गए हैं और गौ तस्करी के वाहनों को रोकने के लिए स्पेशल पट्टे बनवाए गए हैं. कील लगे पट्टे होने के कारण यह वाहन जब उन से होकर गुजरता है तो वहीं पंचर हो जाता है, लेकिन अब देखना यह है कि सर्दी के बीच बढ़ती गौ तस्करों की घटनाओं पर पुलिस द्वारा किए गए दावे कितने कामयाब होते है.

गौरक्षा चौकियां गौ तस्करी रोकने में हुई नाकाम साबित 

हरियाणा से लगते हुए अलवर और भरतपुर जिले के मेवात इलाके में सबसे ज्यादा गौ तस्करी की घटनाएं होती हैं. पुलिस की ओर से अलवर और भरतपुर जिलों में गौरक्षा चौकियां भी स्थापित की गई,  लेकिन ये गौरक्षा चौकियां गौ तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रही है, क्योंकि गौ तस्करों ने नए-नए रास्ते खोज निकाले हैं और अब तो हालात ये हैं कि गौ तस्कर पुलिस पर सीधे फायरिंग करते नजर आते हैं. जिले में मॉब लिंचिंग की घटनाएं भी हो चुकी है इसके बावजूद जिले में गौ तस्करी रुकने का नाम नही ले रही है. जिले में पिछले एक माह में ही एक दर्जन से अधिक घटनाएं हो चुकी है, जिसमें पुलिस और गौ तस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है. इस दौरान कई बार नाकाबंदी भी तोड़ी गई है. ऐसे में पुलिस अधीक्षक ने गौ तस्करी के संभावित इलाकों की थाना पुलिस को गश्त तेज करने और अपना नेटवर्क पुख्ता करने और सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

गांव-गांव जाकर लोगों से समझाइश कर रही पुलिस

पुलिस अधीक्षक द्वारा पुलिस की मोबाइल हाईवे पार्टी लगाई है और उन्हें गश्त के लिए गाड़ी उपलब्ध कराई गई है जो गोविंदगढ़, बड़ौदामेव और रामगढ़ के हाईवे पर गश्त करेगी और संदिग्ध वाहन या गौ तस्करी के संभावित वाहनों की जांच करेगी. इसके अलावा गांव-गांव जाकर लोगों की समझाइश की जा रही है कि कोई भी संदिग्ध व्यक्ति दिखे या गौ तस्करी कर ले जा रहे लोगों के साथ मारपीट नहीं करें और पुलिस को तुरंत सूचना दें, जिससे पुलिस अपना काम कर सके.
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First published: October 19, 2019, 2:24 PM IST
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