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पहलू खां मॉब लिंचिंग केस: हाईकोर्ट ने पहलू के परिवार के खिलाफ दर्ज FIR खारिज की

Sachin Kumar | News18 Rajasthan
Updated: October 30, 2019, 5:36 PM IST
पहलू खां मॉब लिंचिंग केस: हाईकोर्ट ने पहलू के परिवार के खिलाफ दर्ज FIR खारिज की
कोर्ट ने पहलू खां के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) रद्द करने के आदेश दिए हैं.

राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने बहुचर्चित पहलू खां (Pehlu Khan) मॉब लिंचिंग (2017 Alwar mob lynching) केस में पहलू खां के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) रद्द करने के आदेश दिए हैं.

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जयपुर. राजस्थान के अलवर में घटित बहुचर्चित पहलू खां (Pehlu Khan) मॉब लिंचिंग (2017 Alwar mob lynching) केस में राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan High Court) ने बुधवार को पहलू खां और उनके परिवार के खिलाफ दर्ज एफआईआर (FIR) रद्द करने के आदेश दिए हैं. मॉब लिंचिंग में मारे गए पहलू खां, उनके बेटे इरशाद, चालक खान मोहम्मद के खिलाफ साल 2017 में गोतस्करी का मामला दर्ज हुआ था.

कोर्ट ने अपने फैसले में माना है कि पहलू खां के पास से बरामद की गईं गाय दुधारू थीं. इन गायों के साथ दो बच्चे (बछड़े) भी थे. पहलू खां के पास गाय खरीदने के वैध दस्तावेज भी थे और उन्हें डेयरी ले जाने के प्रमाण भी मिले हैं. कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पुलिस गोतस्करी के आरोपों को साबित नहीं कर पाई. बता दें कि इस केस को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई थी. जस्टिस पंकज भंडारी की अदालत ने मामले में सुनवाई के बाद बुधवार को एफआईआर रद्द करने के आदेश जारी किए हैं.

 


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पहलू खां के साथ उसके दो बेटे भी थे आरोपी
यह घटना दो साल पहले 1 अप्रैल 2017 की है. पहलू जयपुर से दो गाय खरीद कर जा रहा था और अलवर में बहरोड़ के पास भीड़ ने गौ तस्करी के शक में उसे रोका था. भीड़ ने पहलू और उसके दो बेटों के साथ कथित तौर पर मारपीट की. तीन अप्रैल को ईलाज के दौरान अस्पताल में पहलू खां की मौत हो गई थी. पहलू खां हरियाणा का रहने वाला था.

पिछले महीने ही SIT ने सौंपी जांच रिपोर्ट 
2017 के बहुचर्चित पहलू खां प्रकरण की जांच के लिए गहलोत सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन कर मामले में फिर से जांच के आदेश दिए थे. पिछले महीने 5 सितंबर को ही एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक को सौंपी थी.

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1 अप्रैल 2017 को राजस्थान के अलवर में पहलू खां के साथ भीड़ ने मारपीट की थी.


6 आरोपियों को जिला कोर्ट ने बरी किया, सरकार हाई कोर्ट पहुंची
इस मामले में अलवर की जिला अदालत ने 14 अगस्त को पहलू खां भीड़ हत्या मामले में सभी छह बालिग आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहलू खां प्रकरण में न्यायालय के निर्णय को लेकर उच्च अधिकारियों के साथ विस्तार से समीक्षा की थी. बता दें कि सरकार ने मामले के सभी छह बालिग आरोपियों को बरी करने के अलवर की एक अदालत के पिछले माह के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने के साथ-साथ मामले पर निगरानी रखने का निर्णय लिया था.



7 एफआईआर दर्ज की गई थीं
राजस्थान की तत्कालीन भाजपा सरकार को इस घटना को लेकर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था. इस मामले में बहरोड़ पुलिस थाने में सात एफआईआर दर्ज की गई थीं, इनमें एक प्राथमिकी पहलू खां की कथित हत्या और छह 'गोवंश के अवैध परिवहन' से संबद्ध थी. पहलू खां की हत्या के मामले में जिन छह को आरोपी बनाया गया था, उन्हें अदालत ने बुधवार को बरी कर दिया. जबकि बाकी छह मामलों में जांच चल रही है. भीड़ हत्या मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय बहरोड़ में 25 फरवरी 2018 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था. इस मामले को बाद में बाद में अलवर की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया था.

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First published: October 30, 2019, 4:53 PM IST
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