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Success Story: संदीप सिंह बने दिव्यांगों के लिए मिसाल, एथलेटिक्स में अब तक जीत चुके 50 पदक

Success Story: खुद को कभी कमजोर नहीं समझने वाले संदीप सिंह ने कमजोरियों से लड़ना सीखा और बन गए दिव्यांगों के लिए प्रेरण ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: पीयूष पाठक

अलवर: जब बात पैरा-एथलीट की हो, तो बात उनके हौसलों की भी की जाती है. उन्हें बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है. ये बात सिर्फ वह स्वयं नहीं जानते हैं. लेकिन,जज्बा और कुछ करने का जुनून हो तो मुश्किलें भी आड़े नहीं आती. हौसले बुलंद हो तो जिंदगी में कुछ मुश्किल नहीं रह जाता. शारीरिक कमी या कमजोरी भी मायना नहीं रखती, यह वजह रही कि खुद को कभी कमजोर नहीं समझने वाले संदीप सिंह ने कमजोरियों से लड़ना सीखा और बन गए दिव्यांगों के लिए प्रेरणा. आपको मिलवाते हैं, सुल्ताना निवासी पैरा एथलीट संदीप सिंह से जिन्होंने लगातार पदक जीत कर अपना और अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है.

संदीप सिंह जकार्ता में आयोजित पैरा ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं. संदीप को बचपन से पोलियो है. उनके कमर के नीचे का हिस्सा काम नहीं करता, लेकिन हौसले की ताकत के दम पर उन्होंने 1992 से अब तक करीब 40 से ज्यादा स्टेट लेवल पर मेडल जीते है और 10 मेडल नेशनल लेवल पर. संदीप बताते हैं कि बचपन में सामान्य बच्चों को खेलते देखता था तो मेरी भी खेलने की इच्छा होती थी और इसी खेलने के जुनून ने कामयाबी के शिखर तक पहुंचा दिया.

नन्हें खिलाड़ियों को देते हैं निशुल्क ट्रेनिंग:
संदीप ने बताया कि पैरा एथलीटों को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसलिए वे ऐसे खिलाड़ियों को चुनकर नि:शुल्क सिखाते है. जिससे यह खिलाड़ी आगे चलकर अपना नाम और देश का नाम रोशन करें. संदीप ने बताया इस ट्रेनिंग के लिए जगह-जगह से नन्हे खिलाड़ियों को चुनकर एक कैंप लगाते हैं. जहां उन्हें निशुल्क ट्रेनिंग दी जाती है.

Tags: Alwar News, Rajasthan news in hindi

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