हिजबुल के आतंकियों को पकड़ने वाले SHO ने सोशल मीडिया पर लिखी ये भावुक पोस्ट

हिजबुल के आतंकियों को पकड़ने वाले थानाधिकारी शुगन सिंह ने बहरोड़ थाने में फायरिंग के बाद टार्गेट पर आने के बाद सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट डाली है.

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 8, 2019, 12:18 PM IST
हिजबुल के आतंकियों को पकड़ने वाले SHO ने सोशल मीडिया पर लिखी ये भावुक पोस्ट
बहराेड़ थाने से फरार होने से पहले बदमाश पपला नाेटाें के बंडल के साथ (फाइल फोटो)
Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: September 8, 2019, 12:18 PM IST
अलवर. बहरोड़ थाने में फायरिंग (Firing at Behror police station) के बाद टार्गेट पर आए बहरोड़ थानाधिकारी (Behror SHO Sugan singh) सुगनसिंह ने सोशल मीडिया (Social media) पर एक भावुक पोस्ट डाली है. सुगन सिंह ने अपनी पोस्ट (Post on Social Media) में लिखा है कि 'मैं कायर नहीं हूं और मैने हिजबुल (HijBul Terrorist Organisation) जैसे आतंकी संगठनों (Terrorist organizations)से जुड़े आतंकियों को पुष्कर में हथियारों के जखीरे के साथ पकड़ा था. पहले मुझे अच्छा काम करने के लिए विभाग से इनाम और प्रशस्ति पत्र भी मिले हैं.'

बहरोड़ थानाधिकारी ने सोशल मीडिया पर दी सफाई

दरअसल अलवर जिले के बहरोड़ थाने के लॉकअप ब्रेक कांड (Behror Lockup brake case) के बाद हुई किरकिरी से परेशान बहरोड़ थानाधिकारी सुगन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट डाल कर सफाई दी. उन्होंने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने लिखा कि 'मैं कायर-निकम्मा, भ्रष्ट हूं तो एक पल भी बहरोड़ में रहने का अधिकार नहीं, पर मैंने बदमाश को हवालात में डालने से पहले भिवाड़ी एसपी और एएसपी को सूचित कर दिया था.'

बहरोड़ थानाधिकारी सुगनसिंह ने सोशल मीडिया पर की भावुक पोस्ट
बहरोड़ थानाधिकारी सुगनसिंह ने सोशल मीडिया पर की भावुक पोस्ट


थाने पर हमले के दौरान बदमाश के नाम का चला पता-सुगन सिंह

थानाधिकारी सुगन सिंह ने मामले में सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने बदमाश को पकड़ने के बाद पुलिस अधीक्षक भिवाडी और एएसपी नीमराणा को रकम के साथ एक युवक को पकड़ने के मामले से अवगत करा दिया था. उन्होंने बताया कि मीडिया को दिखाने के लिए उन्होंने फोटो ओर वीडियो भी बना लिए थे और चैंबर में  प्रेस नोट (Press Note) बनाने में जुटे हुए थे. इसी दौरान बदमाशों ने थाने में हमला कर दिया और विक्रम उर्फ पपला को छुड़ा कर ले गए.

सुगन सिंह ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को बताने के बाद रिकॉर्ड में रपट भी डाल दी थी, लेकिन बदमाश का असली नाम नहीं उगलवा पाए थे. इसकी वजह से यह अंदाजा नही हो पाया कि वह इतना बड़ा बदमाश था. घटना के बाद जब बदमाशों ने पपला का नाम लिया तब पुलिस को बदमाश के नाम का पता चला.
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First published: September 8, 2019, 12:17 PM IST
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