पहलू खान मॉब लिंचिंग केस: SIT ने मानी जांच में खामी, सरकारी वकील ने कोर्ट में मोबाइल नहीं किया पेश

राजस्थान के बहुचर्चित पहलू खान (Pehlu Khan) मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) केस में जांच कर रही एसआईटी (Special Investigation Team) ने अब तक की जांच में खामी पाई है.

Bhawani Singh | News18India
Updated: September 2, 2019, 2:47 PM IST
पहलू खान मॉब लिंचिंग केस: SIT ने मानी जांच में खामी, सरकारी वकील ने कोर्ट में मोबाइल नहीं किया पेश
पहलू खान मॉब लिंचिंग केस में राजस्थान सरकार ने फिर से जांच करवाई है.
Bhawani Singh
Bhawani Singh | News18India
Updated: September 2, 2019, 2:47 PM IST
राजस्थान के बहुचर्चित पहलू खान मॉब लिंचिंग (Pehlu Khan Mob Lynching) केस में जांच कर रही एसआईटी (Special Investigation Team) ने अब तक की जांच में खामी होने की बात कही है. साथ ही आरोपियों के कोर्ट से बरी होने के पीछे एक बड़ी वजह सरकारी वकील (Public Prosecutor) का ठीक से पैरवी न करना भी बताया है. एसआईटी ने कहा कि पहलू की पिटाई का वीडियो (Viral Video) जिस मोबाइल से बनाया गया, उसे पुलिस ने जब्त किया था और वीडियो की तस्वीरें चार्जशीट पर भी चस्पा की थीं. इसके बावजूद सरकारी वकील ने इसे कोर्ट में बतौर सबूत पेश ही नहीं किया. पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में सभी छह आरोपियों को बरी करने के कोर्ट के फैसले के बाद राजस्थान सरकार की ओर से गठित एसआईटी ने जांच पूरी कर रिपोर्ट तैयार कर ली है. एसआईटी आज ही (2 सितंबर 2019) रिपोर्ट सौंपेगी.

मोबाइल को कोर्ट में नहीं किया पेश
एसआईटी ने जांच में पाया कि पहलू की पिटाई के बाद दो वीडियो सामने आए थे. पुलिस ने उस मोबाइल को भी जांच के दौरान जब्त कर लिया था, जिससे वीडियो बनाया गया था. इसके बावजूद मोबाइल को कोर्ट में बतौर सबूत पेश नहीं किया गया था. एसआईटी को मोबाइल पुलिस थाने के मालखाने में मिला.

वकील नहीं कर पाए पैरवी

एसआईटी ने जांच में माना कि जांच अधिकारी ने बतौर सबूत वीडियो के फोटो बनाकर चार्जशीट पर लगाए थे. लेकिन, इस फोटो के साथ एफएसएल द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को शामिल नहीं किया गया था. एसआईटी की जांच में सामने आया कि घटना के अगले दिन सुबह तीन बजकर 50 मिनट पर केस दर्ज कर लिया गया था, लेकिन कोर्ट में सुनवाई के दौरान 3.50 AM की जगह 3.50 PM माना गया. कोर्ट ने इस आधार पर केस 16 घंटे बाद दर्ज होना माना. एसआईटी का मानना है कि ऐसा AM की जगह PM मानने से हुआ. इसके अलावा वकील द्वारा कोर्ट में इस मामले में सही तरीके से पैरवी न करने की बात भी कही गई है.

पहलू खान ने जो नाम बताए वो किस आधार पर बताए
एसआईटी ने पाया कि ट्रायल के दौरान सरकारी वकील यह साबित नहीं कर पाए कि पहलू के बयानों के आधार पर जिन लोगों के नाम एफआईआर में लिखे गए थे, उनको जांच के दौरान क्यों हटाया गया था? जहां मारपीट हुई थी, वहां पहलू किसी को नहीं जानता था. ऐसे में पहलू ने जो नाम बताए वे किस आधार पर बताए थे?
Loading...

ये भी पढ़ें- पहलू खान मॉब लिंचिंग केस: इन 3 वजहों से बरी हो गए सभी 6 आरोपी

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अलवर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 2, 2019, 1:42 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...