अलवर के दहमी कांड का सच: तत्कालीन बहरोड़ थानाप्रभारी का दलित समाज के सामने कबूलनामा!

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: August 23, 2019, 4:50 PM IST
अलवर के दहमी कांड का सच: तत्कालीन बहरोड़ थानाप्रभारी का दलित समाज के सामने कबूलनामा!
दलित समाज की पंचायत में रमेश सिनसिनवार।

वायरल वीडियो (Video Viral) में पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के लिए सिनसिनवार दलित समाज की पंचायत में बैठकर मांगी माफी मांगते हुए कबूल कर रहे हैं कि उसमें 100 फीसदी उनकी और पुलिस की गलती रही.

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राजस्थान के अलवर (Alwar) में 21 मई, 2017 को बहरोड़ (Bahror) थाना इलाके के दहमी गांव (Dahmi Case) में एक निर्माणाधीन मकान का दरवाजा निकालने को लेकर उपजे विवाद में दलित परिवार (Dalit Family) के साथ हुई ज्यादती के बाद अब तत्कालीन बहरोड़ थानाप्रभारी रमेश सिनसिनवार (Ramesh Sinsinwar) का वीडियो वायरल हुआ है. वायरल वीडियो (Video Viral) में पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के लिए सिनसिनवार दलित समाज की पंचायत में बैठकर मांगी माफी मांगते हुए कबूल कर रहे हैं कि उसमें 100 फीसदी उनकी और पुलिस की गलती रही.



27 जून 2019 का बताया जा रहा है वीडियो
सिनसिनवार जून माह में सेवानिवृत्त हो चुके हैं. यह वायरल वीडियो उनके रिटायरमेंट से 5 दिन पहले यानी 27 जून 2019 का बताया जा रहा है. सिनसिनवार दलित परिवार की ओर से दर्ज केस में समझौते के लिए बाबा गरीबनाथ आश्रम में उनसे मिले थे. यहां समाज के लोगों की मध्यस्थता में बैठक हुई. बताया जा रहा है कि सिनसिनवार ने रिटायरमेंट के दौरान पेंशन और ग्रेच्युटी रुकने की आशंका जताते हुए माफी मांगी.

यह था दहमी मामला
21 मई 2017 को दहमी गांव में एक निर्माणाधीन मकान का दरवाजा निकालने को लेकर दलित परिवार का पड़ोस के लोगों से विवाद हो गया था. दलित परिवार के शिव मेघवाल, ईश्वर, टिंकू, कैलाश, सुरेन्द्र, सत्या, सुषमा व गंगादेवी शिकायत लेकर थाने पहुंचे तो पुलिस ने उनको ही गिरफ्तार कर लिया. पुलिस से सभी पर अभद्रता और थाने में तोड़फोड़ सहित राजकार्य में बाधा के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था.

भिड़ंत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी
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इस दौरान बहरोड़ थाने में पुलिस और दलित समाज के लोगों में झड़प हो गई थी. एक पुलिसकर्मी की भीड़ ने पिटाई भी कर दी थी. तब पुलिसकर्मी और दलित समाज की भिड़ंत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. पुलिस उसको आधार बनाकर दमही गांव में पहुंची और दलित समाज के घरों में घुसकर बेहरमी से पिटाई की थी. पुलिस ने घरों में तोड़फोड़ भी की थी.

पहलू खान केस में भी विवादास्पद रहे हैं सिनसिनवार
सिनसिनवार पर पहलू खान केस में भी विवादास्पद रहे हैं. पहलू खान केस में उन पर निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगे थे. अदालत ने पहलू केस के फैसले में बहरोड़ के तात्कालिक एसएचओ रमेश सिनसिनवार की कार्यशैली और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे. पहलू खां मॉब लिचिंग केस में 6 आरोपियों के कोर्ट से बरी होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस की जांच में चूक मानते हुए एसआईटी गठित की है.

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First published: August 23, 2019, 4:02 PM IST
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