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बाघों की कब्रगाह बनता सरिस्का, टाइगर ST-16 ने हीट स्ट्रोक से तोड़ा दम

Bhawani Singh | News18India
Updated: June 10, 2019, 5:03 PM IST
बाघों की कब्रगाह बनता सरिस्का, टाइगर ST-16 ने हीट स्ट्रोक से तोड़ा दम
प्रतिकात्मक तस्वीर.

राजस्थान का सरिस्का टाइगर रिजर्व एक बार फिर बाघों के लिए कब्रगाह साबित हुआ है. दो महीने पहले रणथंभौर पार्क से शिफ्ट किए गए एक बाघ की हीट स्‍ट्रोक की चपेट में आने से मौत हो गई.

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सरिस्का टाइगर पार्क एक बार फिर टाइगर के लिए कब्रगाह बनता जा रहा है. सरिस्का में टाइगर एसटी-16 (कोड नाम) की हीट स्ट्रोक की चपेट में आने से मौत हो गई. एसटी 16 को दो महीने पहले ही रणथंभौर से सरिस्का शिफ्ट किया गया था. पिछले डेढ़ साल में सरिस्का में 7 टाइगर की मौत हो चुकी है. इनमें से चार टाइगर वे थे जो रणथंभौर पार्क से शिफ्ट किए गए थे. इनमें से 3 शावक थे. सरिस्का को पहले भी शिकारी बाघ विहीन बना चुके हैं.

रणथंभौर से दो महीने पहले ही अप्रैल में जिस टाइगर एसटी-16 को सरिस्का में शिफ्ट किया था. अब उसी एसटी 16 की मौत हो चुकी है. शनिवार को इस टाइगर को ट्रैंक्‍वलाइज किया गया था. एक पैर में चोट की आंशका के बाद ऐसा किया गया था. इसके बावजूद एसटी-16 दो सौ मीटर का फासला तय किया और एसटी 16 ने दम तोड़ दिया. राज्य सरकार ने पोस्टमार्टम के लिए पांच सदस्यीय बोर्ड बनाया. देश भर के नामी वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट डॉक्टर्स को बुलाकर पोस्टमार्टम कराया. प्रांरभिक जांच में सामने आया कि टाइगर ने हीट स्ट्रोक से दम तोड़ा. भीषण गर्मी और शरीर में पानी की कमी से टाइगर के अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. हालांकि, पोस्टमार्टम की रिपोर्ट आने पर पूरी तस्वीर साफ होगी.

हीट स्ट्रोक से मौत हुई है. मल्टीपल ऑर्गन फेलियर, पानी नहीं मिला, अब टाइगर जहां मिलता है वहीं इलाज करना पड़ता है. पानी के पास ले जाकर नहीं कर सकते. 
अरविंदम तोमर, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक


Tiger ST-16, Sariska Tiger Reserve
टाइगर एसटी-16 की मौत हो गई है.


जांच के दौरान सामने आया कि टाइगर कैंसर से भी पीड़ित हो सकता है. लेकिन उपचार के दौरान डॉक्टर बीमारी का अंदाजा नहीं लगा पाए. पोस्टमार्टम के दौरान जांच में रसौली सामने आई. पहले सेप्टिसीमिया मानकर इलाज किया गया था.


मल्टीफल आर्गन फेल्योर लग रहा है. रिपोर्ट आने के बाद साफ होगा.
एम. कार्तिकेय करिकरण, आईवीआरआई, बरेली


Tiger ST-16, Sariska Tiger Reserve
टाइगर एसटी-16 की मौत के बाद की एक तस्वीर.
हालांकि, कई वन्य जीव विशेषज्ञ और वन्य जीव प्रेमी इलाज में लापरवाही का भी आरोप लगा रहे हैं. ​हालांकि, रिपोर्ट के बाद साफ होगा कि मौत की वजह हीट स्ट्रोक ही हैया इलाज में लापरवाही भी थी.

शिकारियों के सरिस्का को टाइगर विहीन करने के बाद सरिस्का को फिर से आबाद करने के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक टास्क फोर्स का गठन किया था. टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद रणथंभौर से 11 टाइगर सरिस्का में शिफ्ट किए गए, लेकिन शिफ्ट किए टाइगर में से डेढ़ साल में एसटी-1, एसटी-5, एसटी-4 और एसटी-16 यानी 4 टाइगर मारे जा चुके हैं. 3 शावकों की भी मौत हो गई है. एक टाइगर एसटी 11 की हत्या हो चुकी है.

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First published: June 10, 2019, 2:47 PM IST
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