लाइव टीवी

पद्मश्री से सम्‍मानित होंगी कभी मैला ढोने वाली राजस्थान की उषा, 10 वर्ष की उम्र में ही हो गई थी शादी
Alwar News in Hindi

Rajendra Prasad Sharma | News18 Rajasthan
Updated: January 26, 2020, 2:20 PM IST
पद्मश्री से सम्‍मानित होंगी कभी मैला ढोने वाली राजस्थान की उषा, 10 वर्ष की उम्र में ही हो गई थी शादी
पद्म श्री अवार्ड मिलने के बाद उषा के घर में खुशी का माहौल है. परिजन और रिश्तेदार उषा का मुंह मीठा कराकर खुशियां मना रहे हैं.

गणतंत्र दिवस (Republic Day) की पूर्व संध्या पर पद्मश्री पुरस्कारों (Padma Shri Awards) का ऐलान हुआ था. इसमें राजस्थान की उषा देवी का नाम भी शामिल है.

  • Share this:
अलवर. गणतंत्र दिवस (Republic Day 2020) की पूर्व संध्या पर 25 जनवरी को पद्मश्री पुरस्कारों (Padma Shri Awards) की घोषणा की गई थी. इस सूची में राजस्थान की उषा देवी (Usha Devi) का नाम भी शामिल है. अलवर शहर में कभी मैला ढोने का काम करने वाली उषा आज स्वच्छता मिशन में जाना पहचाना नाम है. स्वच्छता के लिए काम करने वाली उषा अमेरिका सहित पांच देशों की यात्रा कर चुकी हैं. वर्ष 2008 में उनके बनाए कपड़ों को ही पहनकर विदेशी मॉडल ने मिशन सेनिटेशन के तहत यूएन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कैट वॉक किया था. उषा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) से मिलकर उन्हें राखी भी बांध चुकी हैं.

बेदह संघर्ष भरी है उषा की कहानी
पद्मश्री पुरस्‍कारों की घोषणा के बाद उषा ने बताया कि महज 10 साल की उम्र में ही उनकी शादी हो गई थी. वह छोटी उम्र में मैला ढोने का काम करती थीं. उन्हें रोजाना मैला धोते समय गंदगी और बदतर जिंदगी से रूबरू होना पड़ता था. काम पर उन्हें कोई पानी भी नहीं पिलाता था. गर्मियों में प्यास लगने पर उन्हें दूर से ही पानी पिलाया जाता था. किसी की स्वर्ण को छूना अपराध माना जाता था. गलती से किसी को छूने पर धमकाया जाता था और बुरा-भला कह कर भगा दिया जाता था.

साल 2003 में बिंदेश्वर पाठक की नई दिशा संस्था से जुड़ीं

अलवर शहर के हजूरी गेट निवासी उषा साल 2003 में बिंदेश्वर पाठक की 'नई दिशा' संस्था से जुड़ी थीं. उसके बाद उषा का जीवन पूरी तरह से बदल गया. स्वच्छता की मुहिम के तहत किए गए उनके कार्यों को आज देशभर में सराहा जा रहा है. उषा ने बताया की पहले और अब के जीवन में रात-दिन का अंतर आ गया है. पहले वह अन्य समाज की सैकड़ों महिलाओं के साथ मैला ढोने का काम करती थीं. अब इस काम को छोड़कर कर वे अचार और जूट के थैले बनाने तथा ब्यूटीशियन सहित अन्य कार्य करते हुए आत्मनिर्भर बन गई है. घर की आर्थिक स्थित में भी बदलाव आ गया है. अलवर की उषा फिलहाल सुलभ इंटरनेशनल की अध्यक्ष हैं. उषा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दो बार राखी बांध चुकी है.

मैला ढोने वाली राजस्थान की उषा को नवाजा जाएगा पद्मश्री पुरस्कार से, संघर्ष से भरी है कहानी Usha of Rajasthan, Scavenger, will be awarded the Padma Shri award-The story is full of struggle
उषा फिलहाल सुलभ इंटरनेशनल की अध्यक्ष हैं.


स्वच्छता के लिए मिला अवार्डअलवर जिले में नई दिशा संस्था से जुड़ने के बाद मैला ढोने वाली 157 महिलाओं का जीवन पूरी तरह से बदल गया. उषा अपनी बेटी अमन को उच्च शिक्षा दिला रही हैं. वह बीए फाइनल ईयर की छात्रा है. बकौल उषा, महात्मा गांधी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूसरे बड़े नेता हैं, जिन्होंने खुद झाड़ू उठाकर देश में स्वच्छता का अभियान चलाया. उन्‍होंने बताया कि उन्हें स्वच्छता से जुड़े काम के लिए ही अवार्ड मिला है. महिलाओं के लिए आइकॉन बनने के सवाल पर उषा ने कहती हैं कि उन्होंने गंदगी, बदबू और लानतभरी जिंदगी देखी है. उस समय वह जीना ही नहीं चाहती थीं. वह रोजाना मर-मर कर जीवन जीती थीं.

उषा बोलीं- अब सबकुछ बदल गया
उषा ने बताया कि आज उन्हें उच्च जातियों के परिवारों के द्वारा शादियों में निमंत्रित किया जाता है. सम्मान से घर में बैठाया जाता है. मंदिर में पूजा करती हैं तो कोई नहीं टोकता है. इससे अब उन्हें गौरवपूर्ण जीवन मिला है. उनकी बदौलत अब समाज की अन्य महिलाओं ने भी मैला ढोने का काम छोड़ दिया है. यह सबसे खुशी की बात है अन्यथा आज उनकी बेटी और बहुएं भी यही काम कर रही होतीं. उन्होंने बिंदेश्वर पाठक का आभार जताते हुए कहा कि अलवर में साल 2002 में 36 महिलाओं से नई दिशा संस्था से जुड़कर मैला ढोने की प्रथा का विरोध किया था वो कामयाब रही. पद्मश्री अवार्ड मिलने की घोषणा के बाद उषा के घर में खुशी का माहौल है. परिजन और रिश्तेदार घर में पूजा अर्चना के बाद मिठाई खिलाकर खुशियां मना रहे हैं.

 

हिम्मताराम की हिम्मत को मिली दाद, 'पीपल' के पेड़ से 'पद्मश्री' तक का सफर

पद्मश्री अवार्ड: किसान सूंडाराम समेत प्रदेश की चार हस्तियों के नाम का ऐलान

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए अलवर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 26, 2020, 1:30 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर