Rajasthan: अलवर का बहुचर्चित थानागाजी गैंगरेप केस, 5 आरोपियों के खिलाफ आज आएगा फैसला

पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप के आरोप में कोर्ट में चालान पेश किया था.
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप के आरोप में कोर्ट में चालान पेश किया था.

Thanagaji gangrape case: अलवर जिले के थानागाजी में गत वर्ष हुये गैंगरेप केस में विशेष कोर्ट 5 आरोपियों के खिलाफ मंगलवार को फैसला सुनाएगा.

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अलवर. राजस्थान के अलवर जिले के बहुचर्चित थानागाजी गैंगरेप केस (Thanagaji gangrape case) में मंगलवार को फैसला आएगा. विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कोर्ट-SC-ST Court) इस केस में फैसला सुनाएंगे. इस मामले में 5 आरोपियों को लेकर फैसला सुनाया जाएगा. गैंगरेप में शामिल एक नाबालिग की अलग से पॉक्सो कोर्ट (POCSO Court) में सुनवाई चल रही है.

विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण कोर्ट) ब्रजेश कुमार की अदालत में मामले में बचाव पक्ष की अंतिम बहस पिछले महीने 11 सितंबर को पूरी हो चुकी है. तब न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने फैसले के लिए 24 सितंबर का दिन मुकर्रर किया था. लेकिन, इस बीच कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए हाईकोर्ट ने 1 अक्टूबर तक कोर्ट में कामकाज पर रोक लगा थी. इसके बाद कोर्ट ने इस मामले में फैसले की तारीख 6 अक्टूबर तय की थी. इस मामले में 5 आरोपियों का ट्रायल एससी एसटी स्पेशल कोर्ट में पूरा हो चुकी है.

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2 मई 2019 को दर्ज हुआ था मामला
थानागाजी पुलिस थाने में 2 मई 2019 को यह मामला दर्ज हुआ था. इसमें आरोपियों ने एक दलित दंपत्ति को बंधक बना लिया था. उसके बाद 5 आरोपियों ने पति के सामने ही उसकी पत्नी से गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया था. आरोपियों ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था. वीडियो वायरल होते ही मामले प्रदेशभर में जबर्दस्त बवाल मच था. इस घटना की गूंज देश भर में सुनाई दी थी. इस प्रकरण में राज्य सरकार की छवि को काफी धक्का लगा था. हाल ही में हुए हाथरस कांड की तरह प्रदेश में कई दिनों तक इस पर हंगामा और राजनीति होती रही थी.

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पुलिस पर हुई थी कार्रवाई
पुलिस ने इस मामले में 5 आरोपियों के खिलाफ गैंगरेप के आरोप में कोर्ट में चालान पेश किया था. जबकि एक आरोपी मुकेश के खिलाफ वीडियो वायरल करने का मामला दर्ज किया गया था. इस प्रकरण में पुलिस द्वारा समय पर मामला दर्ज नहीं किये जाने पर थानाप्रभारी समेत पूरे थाना स्टाफ, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को राज्य सरकार ने हटा दिया था.
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