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अलवर लिंचिंग: थाने लाए जाने तक जिंदा था रकबर ख़ान! सामने आया आखिरी फोटो

अलवर लिंचिंग: थाने लाए जाने तक जिंदा था रकबर ख़ान! सामने आया आखिरी फोटो

रकबर की ये फोटो विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता नवल किशोर तब ली थी.

रकबर की ये फोटो विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता नवल किशोर तब ली थी.

रकबर की ये फोटो विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता नवल किशोर तब ली थी, जब पुलिस रकबर को लेकर जा रही थी. कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि रकबर को इस वीएचपी नेता ने ही पुलिस को सौंपा था.

    राजस्थान के अलवर में गौ-तस्करी के शक में भीड़ द्वारा एक व्‍यक्ति को पीट-पीटकर मार देने के मामले में अब तक 4 पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई हुई है. 2 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है. इस बीच अकबर उर्फ रकबर खान की एक फोटो सामने आई है. इसमें रकबर पुलिस की वैन में बैठा और जिंदा है. उसकी आंखें बंद हैं. चेहरे पर बाईं तरफ कुछ चोट के निशान भी देखे जा सकते हैं.

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    NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, रकबर की ये फोटो विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता नवल किशोर ने तब ली थी, जब पुलिस रकबर को ले जा रही थी. कई रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया जा रहा है कि रकबर को इस वीएचपी नेता ने ही पुलिस को सौंपा था.

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    रकबर की ये आखिरी फोटो पुलिस की गाड़ी में ली गई है. सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि पुलिस उसे शुक्रवार देर रात 12:51 पर रामगढ़ थाने ले आई, फिर रात 3.47 तक उसे सड़क पर घुमा रही थी. रकबर के भाई का कहना है कि उसके भाई की पिटाई हुई है. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट भी कहती है कि रकबर की मौत पिटाई के चलते अंदरूनी ख़ून बहने से मौत हुई है.


    बीजेपी विधायक ने किया था दावा- पुलिस की पिटाई से हुई रकबर की मौत
    अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने अलवर मॉब लिंचिग को लेकर हाल ही में बड़ा बयान दिया. उनका कहना है कि गौ-तस्करी के शक में अकबर खान उर्फ रकबर की मौत भीड़ की पिटाई से नहीं, बल्कि पुलिस की मार से हुई.

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    रामगढ़ से बीजेपी विधायक ज्ञानदेव आहूजा ने कहा, 'गौ-तस्करी के शक में भीड़ ने रकबर खान को सिर्फ कुछ थप्पड़ जड़े थे. जब रकबर को रामगढ़ थाना पुलिस लेकर आई, तो पुलिस ने गांववालों के सामने ही उसकी जमकर पिटाई की. बीजेपी विधायक का दावा है कि ऐसा करके पुलिस ने लोगों के सामने यह दर्शाने की कोशिश की थी कि वो भी गौ-तस्करों के खिलाफ कारवाई करती है.'


    'पुलिस ने थाने ले जाकर की थी रकबर की पिटाई'
    ज्ञानदेव आहूजा ने दावा किया था, 'मुझे विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि रामगढ़ थाना पुलिस ने पहले आरोपी की गोविंदगढ़ मोड़ पर पिटाई की. फिर थाने लाकर भी खूब मारा.' विधायक के मुताबिक, 'पुलिस रकबर को देर रात एक बजे थाने लेकर आई थी और फिर तीन घंटे तक उसकी जमकर पिटाई की. उसकी हालत बिगड़ने लगी तो सुबह करीब 4 बजे उसे अस्पताल लेकर गई, जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.'

    अलवर लिंचिंग: BJP विधायक का दावा- पुलिस की मार से हुई रकबर की मौत

    विधायक का यह भी दावा है, 'रकबर की मौत के बाद खुद को बचाने के लिए पुलिस ने गौ-तस्करों के खिलाफ मामला दर्ज कराने के बहाने कथित गो-रक्षक परमजीत सिंह और धर्मेंद्र यादव को थाने बुलाया, फिर गिरफ्तार कर लिया. इन लोगों ने पुलिस का सहयोग कर गायों को गौशाला तक भिजवाया था.'


    पुलिस पर रकबर को देर से अस्पताल पहुंचाने का आरोप
    NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस गाड़ी के अंदर रकबर को पीट रही थी और गालियां दे रहा थी. रकबर को अस्पताल ले जाने के दौरान पुलिस ने रास्ते में रुककर चाय भी पी. इस बीच रकबर दर्द से कराहता रहा.

    पहले गायों को गौशाला पहुंचाया, फिर रकबर को ले गए अस्पताल
    रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के साथ गए नव‍ल किशोर ने बताया कि घायल के शरीर को पुलिसवालों ने धोया, क्‍योंकि वह कीचड़ से सना था. गायों को भी साफ किया गया. उसके बाद नवल किशोर के घर से उन्‍होंने गाड़ी का इंतजाम किया. इसी गाड़ी से पहले गायों को स्‍थानीय गौशाला ले जाया जा गया. फिर पुलिस रकबर को अस्पताल ले कर गई. यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद पुलिस ने बाकी की औपचारिकताएं पूरी की.

    ये है पूरा मामला
    अलवर में कुछ कथित गोरक्षकों ने शुक्रवार रात रकबर खान की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. वह गाय लेकर जा रहा था, इसलिए उसे गौ-तस्कर माना गया था. राहुल गांधी ने इस मामले में ट्विटर पर न्यूज रिपोर्ट शेयर करते हुए राजस्थान पुलिस पर सवाल उठाए. उन्होंने सवाल किया कि अलवर में पुलिस ने मॉब लिंचिंग के शिकार रकबर खान को 6 किमी दूर स्थित अस्पताल पहुंचाने में तीन घंटे लगाए, क्यों? उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक भी लिया. यह मोदी का क्रूर 'न्यू इंडिया' है, जहां मानवता की जगह नफरत ने ले ली है और लोगों को कुचला जा रहा है, मरने के लिए छोड़ा जा रहा है.'

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