बारां: नाबालिग लड़कियों ने बोला- तीन दिन तक हुआ गैंगरेप, पुलिस का साफ इनकार

पुलिस मामले की जांच कर रही है. ( कॉन्सेप्ट इमेज).
पुलिस मामले की जांच कर रही है. ( कॉन्सेप्ट इमेज).

Rajasthan Baran Case Update: बारां एसपी डॉ. रवि सबरवाल का कहना है कि नाबालिगों ने पहले अपने साथ रेप की वारदात जैसी कोई बात नहीं बताई थी. मेडिकल रिपोर्ट में भी दुष्कर्म (Rape) की पुष्टि नहीं हुई है. 

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बारां. उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान के बांरा से गैंगरेप (Gangrape) का एक बड़ा मामला सामने आ रहा है. हालांकि, पुलिस (Police) ने इस मामले में रेप की थ्योरी से साफ इनकार कर दिया है. दरअसल, दो नाबालिग लड़कियों ने अपने साथ गैंगरेप होने की बात कही है. वहीं, पुलिस इस पूरे मामले पर बोलने से बच रही है. नाबालिग लड़कियों का कहना है कि आरोपी उन्हें कोटा, जयपुर और अजमेर तक ले गए. फिर तीन दिन तक गैंगरेप किया. पुलिस के सामने कुछ न बोलने की धमकी भी दी. फरियादी पिता की रिपोर्ट पर महिला थाना पुलिस दोनों नाबालिग लड़की और नाबालिग आरोपी को कोटा से पकड़ कर बारां ले आई थी, लेकिन पिता का आरोप है कि दोनों नाबालिग लड़कों को पुलिस ने छोड़ दिया. दोनों बहिनों की उम्र 13 ओर 15 साल बताई जा रही है.

नाबालिग बालिकाओं का कहना कि बारां के दो लड़के बहला फुसलाकर ले गए. कोटा, जयपुर, रेलवे स्टेशन के पास सुनसान जगहों पर दोनों लड़कों ने और उनके अन्य साथियों ने गलत काम किया. इस दौरान उन्हें नशीला पदार्थ भी खिलाया गया. रेप के बाद लड़कों ने लड़कियों को धमकी दी कि घरवालों और पुलिस को बताया तो तुम्हारे मां बाप और तुम्हें जान से मार देंगे. इसके बाद कोटा लेकर आए. जहां से  पुलिस ने सभी को थाने लेकर गई. नाबालिगों का आरोप है कि लड़कों को पुलिस ने छोड़ दिया और उन्हें सखी केंद्र में रखा गया है.

पिता का आरोप





नाबालिगों के पिता का कहना है कि बेटियों के साथ गलत हुआ है. पुलिस ने आरोपियों को छोड़ दिया है. पिता ने न्याय की गुहार लगाई है. तो वहीं, महिला थानाधिकारी लच्छी राम का कहना है कि पुलिस ने बालिकाओं को दस्तयाब कर लिया है. मेडिकल कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी.


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पुलिस का बड़ा बयान 

अब इस पूरे मामले को लेकर बारां पुलिस अधीक्षक डॉ. रवि सबरवाल ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले में सफाई दी. उन्होंने कहा कि लड़कियों के मजिस्ट्रेट के सामने बयान हुए थे. बयान में लड़कियों ने अपने साथ किसी भी गलत काम होने की बात नहीं कही थी. उस आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही थी. लड़कियों का फिर से अपने साथ गलत होने जैसा बयान सामने आ रहा है. इसमें पीड़ितों की प्रार्थना पत्र के आधार पर फिर बयान के लिए न्यायालय के समक्ष अपील की जाएंगी. उनका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट में भी 13 वर्षीय लड़की के साथ रेप की पुष्टि नहीं हुई है.
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