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Barmer News: शादी के दो साल बाद 2 दुल्हनें वाघा बॉर्डर से पाकिस्तान से भारत पहुंची, परिजनों की भर आईं आंखें

हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले एक अन्य युवक विक्रम सिंह की पत्नी को अभी तक वीजा नही मिला है. उनके दूध पीते बच्चे राजवीर सिंह को वीजा मिलने के बाद वह अपनी नानी के साथ भारत पहुंचा है.

हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले एक अन्य युवक विक्रम सिंह की पत्नी को अभी तक वीजा नही मिला है. उनके दूध पीते बच्चे राजवीर सिंह को वीजा मिलने के बाद वह अपनी नानी के साथ भारत पहुंचा है.

बाड़मेर और जैसलमेर (Barmer and Jaisalmer) के दो युवकों के लिये सोमवार का दिन उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन साबित हुआ. इन युवकों की दुल्हनें शादी के 2 साल के लंबे इंतजार के बाद उनके घर आई हैं. भारत-पाक (Indo-Pak) के बीच चल रहे तनाव के कारण दोनों दुल्हनें अपनी ससुराल नहीं आ पा रही थी.

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बाड़मेर. पाकिस्तान (Pakistan) में निवास कर रही दो दुल्हनों (Brides) का अपने पिया से मिलने से लंबा इंतजार सोमवार को समाप्त हो गया. दो साल पूर्व शादी होने के बावजूद वीजा न मिल पाने से दोनों दुल्हनें पाकिस्तान से अपने दुल्हों के साथ भारत (India) नहीं आ सकी थी. शादी के बाद बाड़मेर व जैसलमेर निवासी दोनों दूल्हों को अपनी-अपनी दुल्हनों को वहां छोड़कर भारत लौटना पड़ा था.

इस बीच अभी भी एक और दुल्हन वीजा के अभाव में पाकिस्तान में ही फंसी हुई है. उसके दूध पीते बच्चे को वीजा दे दिया गया है. ऐसे में वह बच्चा अपनी मां के बगैर नानी के साथ भारत पहुंचा है. सीमावर्ती क्षेत्र में बसे लोगों के आज भी सरहद पार पाकिस्तान में रिश्ते होते हैं. लेकिन अब ये कड़ी थोड़ी कमजोर पड़ने लग गई है.

अटारी-वाघा बॉर्डर पर परंपरागत तरीके से किया गया दुल्हनों का स्वागत
शादी के पश्चात दो वर्ष के लंबे इंतजार के बाद अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर लौटी इन दोनों दुल्हनों के परिजनों ने अटारी-वाघा बॉर्डर पर परंपरागत तरीके से उनका स्वागत किया. जैसलमेर जिले के बइया गांव के नेपाल सिंह का रिश्ता पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ था. वे दो साल पहले थार एक्सप्रेस से बारात लेकर पाकिस्तान गए थे. नेपाल सिंह की शादी 26 जनवरी 2019 को हुई थी. इसी तरह बाड़मेर जिले के गिराब क्षेत्र के महेन्द्र सिंह 16 अप्रेल 2019 में पाकिस्तान में शादी हुई थी. वे भी थार एक्सप्रेस से बारात लेकर पाकिस्तान गए थे.
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पाक दुल्हनों को नहीं मिला था वीजा
दोनों दूल्हे अपनी दुल्हनों के साथ आना चाहते थे, लेकिन इस बीच भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में खटास आ गई. पाक ने दोनों देशों के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस भी बंद कर दी थी. ऐसे में भारतीय दूल्हे ससुराल में ही 3-4 माह तक रुके रहे कि हालात सामान्य हो जाये और दुल्हनों को वीजा मिल जाए तो अपने वतन लौट आयें. लेकिन पाक दुल्हनों को वीजा नहीं मिला. इसके बाद ये दूल्हे बिना दुल्हनों के ही अपने वतन लौट आये थे. अब दो साल बाद सोमवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पाकिस्तानी दुल्हनें वाघा बॉर्डर से भारत पहुंची है.

दो साल का राजवीर बिना मां के नानी के साथ पहुंचा भारत
नेपालसिंह और महेन्द्र सिंह अपनी पत्नियों का स्वागत करने परिवार सहित अटारी पहुंचे. बड़ी मुश्किल से घर लौटी बहुओं को देख सभी के चेहरे खिल उठे. उन्होंने खुले मन से उनका स्वागत किया. बाड़मेर- जैसलमेर के सांसद एवं केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के प्रयासों से ही दोनों दुल्हन भारत आई हैं. हालांकि सीमावर्ती क्षेत्र में रहने वाले विक्रम सिंह की पत्नी को अभी तक वीजा नही मिला है. उनके दूध पीते बच्चे राजवीर सिंह को वीजा मिलने के बाद वह अपनी नानी के साथ भारत पहुंचा है.
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