बाड़मेर: हर तीसरे दिन एक आत्महत्या, प्रेमी जोड़े लगा रहे मौत को गले, डरा रहे हैं आंकड़े

Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: September 10, 2019, 5:38 PM IST
बाड़मेर: हर तीसरे दिन एक आत्महत्या, प्रेमी जोड़े लगा रहे मौत को गले, डरा रहे हैं आंकड़े
वर्ष 2016 से 15 जुलाई, 2019 तक की समय अवधि में करीब 484 लोगों ने अलग अलग तरीकों से आत्महत्या कर मौत को गले लगा लिया.

पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan) में भारत-पाक (Indo-Pak) अंतरराष्ट्रीय सरहद (International border) पर बसे बाड़मेर जिले (Barmer District) में हर तीसरे दिन एक व्यक्ति खुद मौत को गले (suicide) लगा रहा है.

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बाड़मेर. पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan) में भारत-पाक (Indo-Pak) अंतरराष्ट्रीय सरहद (International border) पर बसे बाड़मेर जिले (Barmer District) में हर तीसरे दिन एक व्यक्ति खुद मौत को गले (suicide) लगा रहा है. जिले में आत्महत्या के मामले बेहताशा बढ़ते जा रहे हैं. वर्ष 2016 से 15 जुलाई, 2019 तक की समय अवधि में करीब 484 लोगों ने अलग अलग तरीकों से आत्महत्या कर मौत को गले लगा लिया. इनमेंप्रेमी जोड़ों   (Lover couples) और सामूहिक आत्महत्याओं (Mass suicides) का आंकड़ा भी काफी बड़ा है.

प्रेमी जोड़ों द्वारा आत्महत्या के मामले बढ़े हैं
सीमावर्ती बाड़मेर जिले में मामूली बातों पर हो रही सामूहिक आत्महत्यों की घटनाओं ने मनोवैज्ञानिकों को सकते में डाल दिया है. महिलाओं और बच्चों के साथ ही प्रेमी जोड़ों द्वारा की गई आत्महत्याओं से बाड़मेर जिले की छवि को भी काफी धक्का लगा है. जिला पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक़ 2016 में जिले में आत्महत्या के 134 मामले सामने आए. 2017 में इनकी संख्या 125 रही. वहीं 2018 में आत्महत्या के कुल 147 मामले आए. इस वर्ष जुलाई 2019 तक ही 78 मामले दर्ज किए जा चुके हैं.

इनमें प्रेम जोड़ों और सामूहिक आत्महत्याओं का आंकड़ा भी काफी बड़ा है.


चिंताजनक स्थिति को दर्शा रहे हैं आंकड़े
2016 के 134 मामले में जहां 81 पुरुषों ने आत्महत्या की वहीं इनमें 44 महिलाएं शामिल थी. जबकि 3 नाबालिग लड़के और 6 नाबालिग लड़कियों ने भी इस अवधि में मौत को लगे लगा लिया. वर्ष 2017 में 81 पुरुषों और 31 महिलाओं ने आत्महत्या की. इस वर्ष इनमें नाबालिग लड़कों की संख्या बढ़कर 5 तो लड़कियों की संख्या 8 हो गई. जबकि 2018 में 91 पुरुषों और 46 महिलाओं ने आत्महत्याएं की. इनके अलावा 5-5 नाबालिग लड़के और लड़कियां भी इस फेहरिस्त में शामिल हैं. जनवरी 2019 में 15 जुलाई तक 44 पुरुष और 24 महिलाएं आत्महत्या कर चुके हैं. वहीं 4 नाबालिग लड़कों और 6 नाबालिग लड़कियों ने मौत को गले लगाया. इनमें ज्यादातर सामूहिक आत्महत्याओं में प्रेमी युगल के ज्यादा मामले सामने आए हैं. वहीं कमजोर आर्थिक स्थिति के चलते भी आत्महत्या के कई मामले हुए हैं.

प्रेम प्रसंग में असफलता और अवैध संबंध बड़ा कारण
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पुलिस अधीक्षक शिवराज मीणा बताते हैं जोधपुर संभाग में पाली को छोड़ दे तो बाकी जिलों की तुलना में बाड़मेर में आत्महत्या की दर ज़्यादा है. इसका सबसे बड़ा कारण अशिक्षित होने के साथ ही प्रेम प्रसंग बड़ा कारण है. प्रेम प्रसंग में असफलता और अवैध संबंध प्रेमी युगलों को आत्मत्या की ओर धकेल रहा है. ढाणी कल्चर होने से यहां लोग दूर-दूर रहते हैं. ढाणियों में सामूहिक परिवार नहीं होता है. ऐसे में थोड़ी भी तकलीफ होने पर आपसी संवाद कायम होता नहीं है और लोग सीधे आत्महत्या कर लेते हैं.

2016 के 134 मामले में जहां 81 पुरुषों ने आत्महत्या की वहीं इनमें 44 महिलाएं शामिल थी


आपसी संवाद का अभाव
जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता कहते हैं कि बाड़मेर जिले में सामूहिक आत्महत्याओं के मामले जो सामने आ रहे है वे बहुत दुर्भाग्यपूर्ण हैं. लेकिन इनमें सबसे बड़ा कारण शिक्षा के अभाव के साथ आपसी संवाद का अभाव है.

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First published: September 10, 2019, 5:33 PM IST
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