राजस्थान: पाकिस्तान से जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 तस्कर गिरफ्तार
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राजस्थान: पाकिस्तान से जाली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 5 तस्कर गिरफ्तार
पुलिस मामले में आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है. (सांकेतिक फोटो)

बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा (Anand Sharma) ने बताया कि इन तस्करों के साथियों द्वारा पाकिस्तान में नकली नोट छापा जाता है. फिर नोटों का बंडल बनाकर उसे तारबंदी के ऊपर से फेंक कर भारत में लाया जाता है.

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 बाड़मेर. राजस्थान के बाड़मेर (Barmer) जिले में पश्चिमी सीमा पर पुराने तस्करों के नेटवर्क का पूरी तरह से खात्मा नहीं हो पाया है. अब भी पाकिस्तान (Pakistan) की तरफ से नकली नोटों व हेरोइन की तस्करी (Smuggling) जारी है. यही वजह है कि सरहद पार पाकिस्तान के तस्करों के साथ मिलकर चलाए जा रहे जाली नोट (Fake Note) प्रकरण में बाड़मेर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में नकली नोट बरामद किया है, बल्कि एक नाबालिग को सरक्षण में लेकर 5 तस्करों को भी धरदबोचा है.

दरअसल, तारबंदी से पहले आसानी से सीमा पार भी तस्करों की आवाजाही होती रहती थी. वर्ष 1995 से पहले भारत-पाक बॉर्डर पर तारबंदी नहीं थी. उस समय सोने-चांदी व मादक द्रव्यों की तस्करी चरम सीमा पर थी, लेकिन तारबंदी होने के बाद यह सिलसिला थम सा गया था. तस्करी में लिप्त रहे अधिकांश तस्कर तस्करी का धंधा छोड़ने पर मजबूर हो गए थे. लेकिन कुछ हार्डकोर तस्कर तारबंदी के बाद भी मौके की ताक में रहते थे. बॉर्डर पर सीमा सुरक्षा बल व सुरक्षा एजेन्सियों की पैनी नजर के चलते ज्यादा मौके उनके पास नहीं थे. फिर भी पुराने तस्करों का बॉर्डर के उस पार का मोह नहीं छूटा. सुरक्षा एजेन्सियों व हार्डकोर तस्करों के बीच लुकाछिपी का खेल पर्दे के पीछे चलता ही रहा, जो अभी तक जारी है. सरहदी बाड़मेर में प्रतिबंधित पाकिस्तान सिमकार्ड का उपयोग कर देश में जाली नोट लाकर उसे भारतीय बाजार में चलाने के इस गम्भीर मामले में खुलासा करते हुए बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनन्द शर्मा ने 5 आरोपियों की गिरफ्तारी और एक नाबालिग को पुलिस सरंक्षण में लिया है.

पाकिस्तान में  नकली नोट छापा जाता है
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक शर्मा ने बताया कि इन तस्करों के साथियों द्वारा पाकिस्तान में नकली नोट छापा जाता है. फिर नोटों का बंडल बनाकर उसे तारबंदी के ऊपर से फेंक कर भारत में लाया जाता है.  भारत के  तस्करों को पाकिस्तानी सिमकार्ड भी दिलवाया जा रहा था, जिससे उनको पाकिस्तानी सिम कार्ड के जरिये जानकारी दी जाती थी. मामले में सबसे चौकने वाली बात यह है कि पुलिस व बीएसएफ़ की नाक के नीचे तस्करों का यह बड़ा खेल काफी समय से चल रहा था. जानकारी के मुताबिक, 27 जुलाई को 6 लाख 50 हजार रुपये की खेप आई थी. इन तस्करो द्वारा 7-8 माह पूर्व 4 लाख रुपये के नकली नोट भी लाए गए थे. पुलिस ने नकली नोटों के इस काले कारोबार में सावन खान पुत्र ईस्माईल खान निवासी नवातला, बच्चू खान पुत्र आरब खान निवासी नवतला, बादल उर्फ ​​बहादुर खान पुत्र सुराब खान निवासी जालीला और अजीज खान उर्फ ​​अजिया पुत्र वरियान खान निवासी अमरकरिया को गिरफ्तार किया है. पुलिस मामले में आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है.
आरोपियों से पूछताछ कर रही है


सरहद पार से जुड़े इस नकली नोटों की तस्करी के मामले में फिलहाल बाड़मेर पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों, एसओजी और एटीएस की टीमें लगातार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं. अब तक एक नाबालिग को निरुद्ध कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. हालांकि, 7-8 माह पूर्व 2 हजार के 4 लाख नकली नोट भारत लाए गए थे, लेकिन अभी तक पुलिस पूछताछ में यह खुलासा नहीं हो पाया है कि आखिर 4 लाख रुपये की नकली नोटों की खेप का इस्तेमाल कहां की गई.
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