होम /न्यूज /राजस्थान /Success Story: रिटायर्ड रेलवेकर्मी ने रेत में उगाए थाई एप्पल बेर, बागीचा देख रह जाएंगे दंग

Success Story: रिटायर्ड रेलवेकर्मी ने रेत में उगाए थाई एप्पल बेर, बागीचा देख रह जाएंगे दंग

बाड़मेर की रेतीली भूमि में पानी की कमी रहती है. ऐसे में यहां खेती करना आसान नहीं है. लेकिन, रेगिस्तान में थाई एप्पल बेर ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: मनमोहन सेजू

बाड़मेर: पानी की समस्या से जूझ रहे बाड़मेर के माडपुरा बरवाला निवासी किसान खेताराम मेघवाल ने कुछ ऐसा कर दिखाया कि आज वह क्षेत्र में मिसाल बन हुए हैं. रेलवे से सेवानिवृत्त होकर जब खेताराम गांव आए तो पानी की कमी के कारण खेती करनी मुश्किल हो गई थी. ऐसे में उन्होंने थाई एप्पल बेर का बगीचा लगाया. ये बेर कम पानी में भी खूब उगते हैं. आज खेताराम इन बागों से लाखों रुपये कमा रहे हैं.

बाड़मेर की रेतीली भूमि में थाई एप्पल का ये बगीचा अलग ही दिखता है. देखने वाले इस बगीचे को देखते ही रह जाते हैं. खेताराम ने बताया कि रेलवे से सेवानिवृत्त होने के बाद जब उन्होंने बागवानी की सोची तो पर्याप्त पानी नहीं होने से कई रुकावटें आईं. पहले तो उन्होंने अपनी पेंशन से टैंकर मंगाकर जलापूर्ति की, लेकिन बाद में पौधों को पानी पिलाने के लिए बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति का प्रयोग किया.

एक पेड़ से एक कुंतल बेर की पैदावार
खेताराम और उनकी पत्नी थाई एप्पल बेर के इस बगीचे की देखभाल करते हैं. यहां के एक पेड़ से तो करीब एक कुंतल से अधिक थाई एप्पल बेर की पैदावार हुई है. खेताराम ने बताया कि पहले उन्होंने पता किया कि कम पानी वाली खेती में क्या-क्या कर सकते हैं. फिर उन्हें थाई एप्पल बेर का आइडिया मिला. उन्होंने 120 बेर के पौधे लाकर बगीचे को विकसित किया.

घर से ही खरीदकर ले जाते हैं बेर
खेताराम का कहना है कि किसान करना चाहे तो हर खेती मुमकिन है. रेगिस्तान में पानी की कमी रहती है, इसके बावजूद किसान मेहनत के बलबूते पर इसका तोड़ निकालकर खेती कर सकता है. इतना ही नहीं, किसान खेताराम को उनकी मेहनत का दाम घर पर ही मिल जाता है. ग्रामीण घर पर आकर भी 50 रुपये प्रति किलो तक बेर खरीदकर ले जाते हैं.

Tags: Barmer news, Farmer, Rajasthan news

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें