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जोधपुर संभाग में कांगो फीवर की दहशत, बाड़मेर के संदिग्ध पीड़ित की हुई मौत, अब तक 3 लोगों की गई जान

Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: September 21, 2019, 12:20 PM IST
जोधपुर संभाग में कांगो फीवर की दहशत, बाड़मेर के संदिग्ध पीड़ित की हुई मौत, अब तक 3 लोगों की गई जान
बाड़मेर के जेठन्तरी गांव में कांगो फीवर की आहट के बाद मेडकिल की टीम ने गांव के अंदर पशुओं के बाड़े में दवा का छिड़काव किया है।फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan) के जोधपुर संभाग (Jodhpur Division) में कांगो फीवर (congo-fever) ने दहशत फैला दी है. संभाग के बाड़मेर जिले (Barmer District) में कांगो फीवर संदिग्ध पीड़ित (Suspected victim) एक मासूम की मौत (death) हो गई है.

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बाड़मेर. पश्चिमी राजस्थान (Western rajasthan)  के जोधपुर संभाग (Jodhpur Division)  में कांगो फीवर (congo-fever) ने दहशत फैला दी है. संभाग के बाड़मेर जिले (Barmer District) में कांगो फीवर संदिग्ध पीड़ित (Suspected victim) एक मासूम की मौत (death) हो गई. जोधपुर संभाग में कांगो फीवर से इससे पहले एक महिला और एक पुरुष की मौत हो चुकी है. कांगो फीवर संदिग्ध पीड़ित की मौत का मामला सामने आने के बाद शुक्रवार को मेडिकल टीम (medical team) को मौके पर भेजा गया है. वहां मृतक के परिजनों और पड़ोसियों के खून की जांच के लिए सैंपल (Blood samples) लिए गए हैं.

बाड़मेर के समदड़ी इलाके में मिला था संदिग्ध पीड़ित
बाड़मेर में कांगो फीवर का संदिग्ध रोगी जिले के समदड़ी तहसील क्षेत्र के जेठन्तरी गांव में पाया गया था. वहां राहुलदास (13) पुत्र रमेश दास वैष्णव को 2-3 दिन से बुखार आने पर उसे बालोतरा के नाहटा अस्पताल में भर्ती किया गया था. वहां उपचार के दौरान स्थिति गंभीर होने पर उसे जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल रेफर किया गया. वहां जांच रिपोर्ट में वह कांगो फीवर संदिग्ध पाया गया. उसके बाद उसकी जांच रिपोर्ट को पुणे भेजा गया. इस बीच राहुलदास को अहमदाबाद के लिए रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया.

परिजनों समेत उनके पड़ोसियों के खून की जांच के सैंपल लिए

बाड़मेर बीसीएमओ के निर्देश डॉक्टर विशाल दाधीच सहित मेडिकल टीम जेठन्तरी पहुंची. वहां मृतक के परिजनों समेत उनके पड़ोसियों के खून की जांच के सैंपल लिए गए हैं. वहीं पशु चिकित्सक राजेंद्र सिंह की टीम ने गांव के अंदर पशुओं के बाड़े में दवाइयों का छिड़काव किया है. ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे पशुओं से दूर रहें. पशुओं के बाड़ों में स्वच्छता रखें. वहां दवाइयों का छिड़काव करें. बुखार आने पर तुरंत अस्पताल में जाकर जांच कराएं.

जोधपुर एम्स में हो चुकी है दो लोगों की मौत
उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जोधपुर एम्स में भर्ती 40 साल की महिला और 18 साल के युवक की मौत कांगो फीवर से हो चुकी है. इनमें महिला जोधपुर जिले के बोरुंदा की और युवक जैसलमेर जिले का रहने वाला था. कांगो फीवर से मौत की पुष्टि के बाद चिकित्सा विभाग और दिल्ली से आई एनसीडीसी की टीम ने बोरुंदा गांव में जाकर 250 लोगों के सैम्पल लिए थे. वहीं जोधपुर एम्स में एक डॉक्टर व एक नर्सिंगकर्मी के भी कांगो फीवर संदिग्ध होने पर उनकी भी जांच कर सैम्पल पुणे की लैब में भेजे गए थे.
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हिरोमल नामक एक परिजीवी के कारण होता है
कांगो फीवर का खतरा पशुओं के साथ रहने वालों को अधिक होता है. कांगो फीवर पशुओं की चमड़ी से चिपके रहने वाला हिरोमल नामक एक परिजीवी के कारण होता है. अभी तक जोधपुर संभाग में कांगो फीवर के आधा दर्जन मरीज सामने आ चुके हैं.

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First published: September 21, 2019, 12:20 PM IST
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