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Barmer News: पहले हुआ कोरोना, फिर Black Fungus; 4 माह बाद महिला हॉस्पिटल से घर लौटी

बाड़मेर जिले के आदर्श ढूंढा की कोरोना पीड़ित भंवरी देवी को चार माह बाद अस्‍पताल से किया गया डिस्चार्ज

बाड़मेर जिले के आदर्श ढूंढा की कोरोना पीड़ित भंवरी देवी को चार माह बाद अस्‍पताल से किया गया डिस्चार्ज

Barmer News: भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी बाड़मेर में कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण 45 वर्षीया एक महिला की हालत ऐसी हो गई कि उसे करीब 4 माह तक अस्‍पताल में भर्ती रहना पड़ा. चार माह 10 दिन बाद जिला अस्पताल से फूलों की वर्षा कर डिस्चार्ज किया गया है. अस्पताल से डिस्चार्ज होते ही मरीज और उनके परिजनों ने चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ का आभार जताया.

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बाड़मेर. कोरोना वायरस संक्रमण से आम तौर पर लोगों को दो सप्‍ताह के बाद निजात मिल जाती है, लेकिन गंभीर मामलों में इसका कितना दुष्‍प्रभाव लोगों पर पड़ सकता है, इस बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है. ऐसा ही एक मामला भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी बाड़मेर जिले से सामने आया है, जिसमें महिला को करीब 4 माह 10 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. जिले के आदर्श ढूंढा गांव निवासी भंवरी पत्नी दमाराम को 7 मई को जिला अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था.  इस दौरान ब्लैक फंगस होने के कारण जोधपुर में भी 25 मई से 14 जुलाई तक भर्ती रहना पड़ा.

ऑक्‍सीजन के स्‍तर में लगातार गिरावट ने 45 वर्षीया महिला के स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मुश्किलें पैदा कर दी. जब महिला को जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया तो सिटी स्कोर 23 था, इसके बावजूद चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की मेहनत से ही 130 दिन बाद महिला को डिस्चार्ज किया गया है. इतना ही नहींं,  इस दौरान महिला को ब्लैक फंगस से भी सामना करना पड़ा. बाड़मेर जिले के आदर्श ढूंढा गांव निवासी भंवरी पत्नी दमाराम को 7 मई को जिला अस्‍पताल में भर्ती करवाया गया था, जब पूरा देश कोरोना वायरस संक्रमण महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा था और ऑक्‍सीजन की कमी के कारण मरीज एक-एक सांस को तरस रहे थे. यह वही वक्‍त था, जब लोगों को अस्‍पतालों में मुश्किल से बेड मिल रहे थे.

आदर्श ढूंढा की 45 वर्षीया भंवरी देवी को भी काफी मशक्‍कत के बाद अस्‍पताल में भर्ती करवाया जा सका, जहां कोविड संक्रमण को लेकर उनका लंबा इलाज चला. भंवरी देवी के बेटे श्रवण कुमार बताते हैं कि यह वक्त काफी मुश्किल से निकला. हालांकि इस दौरान ब्लैक फंगस होने के कारण जोधपुर में भी 25 मई से 14 जुलाई तक भर्ती रहना पड़ा. ब्लैक फंगस का इलाज करवाने के बाद 14 जुलाई से 16 सितंबर तक जिला अस्पताल में इलाज चला. आखिरकार 4 माह 10 दिन बाद आज जिला अस्पताल से छुट्टी दी गई है.

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महिला का इलाज करने वाले डॉक्‍टर मनीष बैरवा के मुताबिक मरीज में ऑक्‍सीजन का स्‍तर बहुत कम हो गया था, जिसके कारण उन्‍हें पूरी तरह से उबरने में लंबा वक्‍त लगा. लंबे समय तक ऑक्‍सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ती रही. ऑक्‍सीजन सपोर्ट पर उनकी निर्भरता बढ़ती गई, जिस वजह से उन्‍हें ठीक होने में लंबा वक्‍त लगा और लगभग 130 दिनों बाद महिला को अस्‍पताल से छुट्टी दी गई है.

बहरहाल सरहदी बाड़मेर जिले में पहली महिला है जिसे कोविड की वजह से 130 दिनों तक जिला अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा. बाड़मेर जिले में अब तक कोविड के 16008 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं. जिले में कोविड संक्रमण की दर 5.82 फीसदी है.

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