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बाड़मेर में प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए सुनहरा अवसर, यहां मिल रही निःशुल्क टेस्ट सीरीज

बाड़मेर के सबसे बड़े महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर आदर्श किशोर जाणी ने अपनी उजास संस्थान द्वारा राजकीय पीजी महाविद्यालय ...अधिक पढ़ें

    मनमोहन सेजू/बाड़मेर. कहते हैं कि समय पर संसाधन और सही रास्ता मिल जाए तो हर कोई सफल हो सकता है. सैकड़ों युवाओं के लिए उनके घर की माली हालत और बड़े शहरों में जाकर परीक्षाओं की तैयारी नही कर पाना कई लोगो के लिए असफलता की वजह बन जाता है. ऐसे ही युवाओं के लिए सरहदी बाड़मेर में एक लेक्चरर ने अनूठी पहल की है. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निःशुल्क टेस्ट सीरीज उपलब्ध करवा रहे है इतना ही नही उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए टॉपर को इनाम भी दे रहे है.

    पाकिस्तान की सीमा से कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले सरहदी बाड़मेर के सबसे बड़े महाविद्यालय के प्रोफेसर डॉक्टर आदर्श किशोर जाणी ने अपनी उजास संस्थान द्वारा राजकीय पीजी महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अनूठा प्रयास प्रतियोगी पथ नाम से कर रहे है. ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह नि:शुल्क योजना है,इसके तहत फरवरी तक प्रति सप्ताह टेस्ट सीरीज आयोजित की जा रही है. प्रत्येक टेस्ट सीरीज में प्रथम आने वाले विद्यार्थी को पारितोषिक दिया जाता है और संपूर्ण टेस्ट सीरीज में प्रथम आने वाले विद्यार्थी को डेढ़ साल तक नि:शुल्क कोचिंग करवाई जाएगी. तृतीय टेस्ट में 207 विद्यार्थियों ने भाग लिया था. पूर्व के टेस्ट में नेनु गोदारा और हरिश टॉपर रहे.

    प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही प्रियंका बताती है कि सुदूर ग्रामीण तबके से आने वाले विद्यार्थियों के लिए सही मायने में यह टेस्ट सीरीज बहुत ही फायदेमंद है. वही जुंझाराम बताते है कि प्रतियोगी पथ नाम से शुरू हुई यह टेस्ट सीरीज आगे आने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक कड़ी है. जहाँ गरीब तबके के लोग महंगे कोचिंग सेंटरों में लाखों रुपये खर्च कर कोचिंग नही कर पाते है उसके लिए यह बहुत कारगर साबित होगी.

    7 दिन पहले ही दिया जाता है सिलेबस
    बकायदा विद्यार्थियों को परीक्षा से 7 दिन पूर्व ही सिलेबस दिया जा रहा है और टेस्ट सीरीज में प्रथम आने वाले प्रतिभागी को बतौर प्रोत्साहन इनाम भी दिया जा रहा है. उजास संस्थान के अध्यक्ष ड़ॉ आदर्श किशोर जाणी बताते है कि ग्रामीण इलाके से आने वाली प्रतिभाओं का पास इतना पैसा नही होता है कि वह हजारो रुपये खर्च कर पढ़ सके. इसलिए हर रविवार को पीजी महाविद्यालय में विद्यार्थियों का सैलाब उमड़ता है. प्रतियोगी पथ में प्रति सप्ताह विद्यार्थी को सीईटी के पैटर्न पर आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध करवाया जाता है और इससे अगले रविवार को टेस्ट होता है, यह ओएमआर शीट पर आयोजित किया जाता है इतना ही नही फिर रिजल्ट और रैंक भी जारी की जाती है. शिक्षा से वंचित सरहदी बाड़मेर में आज कैप्टन आदर्श किशोर जाणी द्वारा शुरू की गई पहल आने वाले दिनों में कई युवाओं के लिए स्वर्णिम सफलता लेकर आएगी. यह यकीनी तौर पर कहा जा सकता है.

    Tags: Barmer news, Rajasthan news

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