भारतीय सेना ने दी राजस्थान को अनूठी सौगात, बाड़मेर के वॉर म्यूजियम में सजेगा ऐतिहासिक टैंक टी-55
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भारतीय सेना ने दी राजस्थान को अनूठी सौगात, बाड़मेर के वॉर म्यूजियम में सजेगा ऐतिहासिक टैंक टी-55
भारत-पाक युद्ध-1971 में इस टैंक ने अहम भूमिका निभाई थी. इसका इतिहास जबर्दस्त है.

भारतीय सेना (Indian Army) ने राजस्थान की वीरों के शौर्य का सम्मान (Honor of gallantry) करते हुए प्रदेश को अनूठी सौगात दी है. सेना ने भारत-पाक युद्ध-1971 (Indo-Pak war-1971) में पाकिस्तान को धूल चटाने वाले टैंक टी-55 को वॉर म्यूजियम में रखने के लिये बाड़मेर भेजा है.

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बाड़मेर. भारतीय सेना (Indian Army) ने राजस्थान को अनूठी सौगात दी है. भारतीय सेना ने वर्ष 1971 में भारत-पाक युद्ध (Indo Pak war-1971) में पाकिस्तानी सेना (Pakistani army) पर कहर ढाने वाला टैंक टी-55 बाड़मेर (Barmer) भेजा है. अब यह टैंक भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर स्थित थार नगरी बाड़मेर के वॉर म्यूजियम (War museum) की शान बनेगा. इस टैंक को यहां वार म्यूजियम में रखा जायेगा. सेना ने इस टैंक को पुणे से बाड़मेर भेज दिया है. शुक्रवार को यह टैंक बाड़मेर पहुंच गया. टैंक के बाड़मेर पहुंचने के दौरान रास्ते में जगह-जगह उसका भव्य स्वागत किया गया.

जबर्दस्त इतिहास है इस टैंक का
सेना की ओर से वॉर म्यूजियम के लिये बाड़मेर भेजे गये इस टैंक का जबर्दस्त इतिहास है. 1971 में इस टैंक के जरिये ही फख्र-ए-हिन्द जनरल हनुवंत सिंह के नेतृत्व में पाकिस्तान को जबर्दस्त मात दी गई थी. इस टैंक ने पाक सेना पर जमकर कहर ढाया था, जिससे पाकिस्तान को करारी हार का सामना करना पड़ा. बाड़मेर के जसोल गांव के लाडले जनरल हनुवंत सिंह ने इसके साथ मोर्चा संभाला था. टैंक के बाड़मेर पहुंचने के दौरान 'थार के वीर' टीम ने इसका सांचोर, रामजी की गोल, धोरीमन्ना और बाछड़ाऊ में भव्य स्वागत किया. सेना की ओर से टैंक को बाड़मेर वॉर म्यूजियम के लिये भेजे जाने पर पूर्व सांसद मानवेन्द्र सिंह जसोल ने भी खुशी जताई है.

Barmer: भारतीय सेना ने दी राजस्थान को अनूठी सौगात, ऐतिहासिक टैंक टी-55 बाड़मेर भेजा, वॉर म्यूजियम में रखा जायेगा Rajasthan- Barmer- Indian Army, Indo-Pakistan War-1971- Historical Tank T-55 reached Thar Nagri- to be kept in War Museum- Fakhr-e-Hind General Hanuwant Singh- Former MP Manvendra Singh Jasol
टैंक का बाड़मेर में स्वागत करते लोग.

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मानवेन्द्र सिंह सोशल मीडिया में यूं किया स्वागत
मानवेन्द्र सिंह ने टैंक के बाड़मेर आगमन पर अपने फेसबुक वॉल पर बेहद खास तरीके से जनरल हनुवंत सिंह के शौर्य को शब्दों में ढाला है. मानवेन्द्र सिंह ने फेसबुक पर ये लिखा.

फ़करे-हिंद अरी कहे,
बयो कहूं बजरंग।
जसउल धर रा राजवी,
जनरल हड़मत रंग।।
दुश्मन दल ने जिसे फख्र-ए-हिन्द कहकर नवाजा, मैं उन्हें दूसरा बजरंग बली कहूंगा।
जसोल नगर के राजवी जनरल हनुवंत आप धन्य हैं।

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जसवंत सिंह के पुत्र हैं मानवेन्द्र
उल्लेखनीय है कि ले. जनरल हनुवंत सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के चचेरे भाई थे. सेना के बाद उन्होंने अपना जीवन एक आध्यात्मिक संत के रूप देहरादून में बिताया था. वहां स्थित आश्रम में ही उन्होंने अंतिम सांस ली थी. सर्दियों के मौसम में वे यहां बाला सती आते थे और रहते थे. मानवेन्द्र सिह जसोल जसवंत सिंह के पुत्र हैं.
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