भारत-पाक बॉर्डर पर बाड़मेर जिले के ये गांव ताले में रखते हैं पानी

पानी की कीमत क्या होती है इसे पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सरहदी इलाके में रहने वाले लोगों से बेहतर शायद ही कोई नहीं जानता होगा. बूंद-बूंद पानी के तरसने वाले लंबे चौड़े इस रेगिस्तानी इलाके में पानी की कीमत घी से भी ज्यादा मानी जाती है.

Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: July 2, 2019, 5:41 PM IST
भारत-पाक बॉर्डर पर बाड़मेर जिले के ये गांव ताले में रखते हैं पानी
बाड़मेर में पानी पर ताला। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।
Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: July 2, 2019, 5:41 PM IST
पानी की कीमत क्या होती है? इसे पश्चिमी राजस्थान में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर सरहदी इलाके में रहने वाले लोगों से बेहतर शायद ही कोई नहीं जानता होगा. बूंद-बूंद पानी के लिए तरसने वाले इस रेगिस्तानी इलाके में पानी की कीमत घी से भी ज्यादा मानी जाती है. सरकारी संसाधन यहां असहाय हो जाते हैं. यही वजह है कि यहां लोग अपने कंठ तर करने के लिए जलस्रोतों को ताले में बंद रखते हैं. जल स्रोतों को ताले में रखना जल संरक्षण से ज्यादा यहां के लोगों की मजबूरी बन चुकी है.

इन गांवों के हालात हैं खराब
भारत-पाक बॉर्डर पर स्थित बाड़मेर जिले के सरहदी गांवों में गर्मी की दस्तक के साथ हलक सूखने शुरू हो जाते हैं. जिले के चौहटन उपखंड के गफन क्षेत्र के 13 गांवों के हालत गर्मी में बेहद खराब हो जाते हैं. इस क्षेत्र के ये 13 गांव गफानों के गांव कहे जाते हैं. यहां रेतीले धोरों के बीच के इंसान का भी पहुंचना बेहद मुश्किल होता है. ऐसे में रमजान की गफन, आरबी की गफन, तमाची की गफन, लक्खे का तला, भीलों का तला, भुंगारिया, रासबानी आदि में गांव में लोग पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस जाते हैं. तापमान बढ़ने के साथ-साथ पानी की समस्या विकराल हो जाती है.

locks on water tanks - पानी पर ताला
बाड़मेर में पानी पर ताला। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।


कुएं के पास ही होदी बनाकर रखते हैं
भंयकर पेयजल किल्लत के चलते यहां लोग पहले से ही पानी का स्टॉक करके रखते हैं. इसके लिए गांव के कुएं के आसपास ही अंडरग्राउंड व्यक्तिगत होदी (कुंड) बनवाकर उसमें पानी रखते हैं. समय रहते कुएं से पानी निकालकर होदी में डाल लेते हैं. गर्मियों में पानी का स्तर इतना नीचे चला जाता है कि गांवों में स्थित इन पुराने कुओं से वहां के लोगों की प्यास भी नहीं बुझाई जा सकती. लिहाजा टैंकरों की मदद से इनमें पानी डलवाते हैं.

locks on water tanks - पानी पर ताला
कुएं के आसपास बनी होदियां। फोटो : न्यूज 18 राजस्थान ।

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चोरी और झगड़े न हो इसलिए लगाते हैं ताला
पानी की किसी भी तरह की बर्बादी न हो, कोई चोरी न कर सके और पानी के लिए झगड़े न हो, इसके लिए इन पर ताले लगाकर रखे जाते हैं. ग्रामीणों की मानें तो अब तो पानी की सुरक्षा के लिए पहरेदारी का भी सहारा लेना पड़ रहा है. पानी बचाना तो जरूरी है, लेकिन ताला लगाना यहां मजबूरी है.

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First published: July 2, 2019, 4:44 PM IST
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