भारत का पांचवा सबसे बड़ा जिला बाड़मेर: जहां पड़ाव से ज्यादा खूबसूरत हैं रास्ते
Barmer News in Hindi

भारत का पांचवा सबसे बड़ा जिला बाड़मेर: जहां पड़ाव से ज्यादा खूबसूरत हैं रास्ते
राजस्थान राज्य में मौजूद बाड़मेर शहर देश के सबसे बड़े तेल और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है. कहा जाता है कि बहाड़ राव ने 13वीं शताब्दी में इस शहर की स्थापना की थी.

राजस्थान राज्य में मौजूद बाड़मेर शहर देश के सबसे बड़े तेल और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है. कहा जाता है कि बहाड़ राव ने 13वीं शताब्दी में इस शहर की स्थापना की थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 17, 2020, 6:23 AM IST
  • Share this:
बाड़मेर. राजस्थान (Rajasthan) के बाड़मेर शहर (Barmer) के बारे में इतिहास में बेहिसाब जानकारी और आंकड़े मौजूद हैं. ऐसे में न्यूज़ 18 हिंदी उन्हीं जानकारियों में से आपके लिए कुछ बेहद खास जानकारियां लेकर आया है. राजस्थान को और भी करीब से जानने-समझने में ये हमारी एक कोशिश मात्र है, ताकि भारत की जिन विविधताओं की हम चर्चा करते हैं उनसे और भी अधिक जुड़ सकें.

राजस्थान राज्य में मौजूद बाड़मेर शहर देश का पांचवा सबसे बड़ा जिला कहा जाता है और यह इलाका सबसे बड़े तेल और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में से एक है. कहा जाता है कि बहाड़ राव ने 13वीं शताब्दी में इस शहर की स्थापना की थी. जिनके नाम पर इस शहर का नाम पड़ा. बाड़मेर यानी 'बार का पहाड़ी किला', इतिहास में इसे मालाणी के नाम से भी जाना जाता रहा है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि बाड़मेर की स्थापना रावत भीमा ने 1552 ई. में की थी. इस मामले में अभी सही जानकारी ना मिलने की वजह से भारत के इस पांचवे सबसे बड़े जिले का स्थापना दिवस नहीं मनाया जाता है.

अपनी जीवंतता की वजह से बाड़मेर टूरिस्ट से भरा रहता है. बाड़मेर की यात्रा की एक खास बात यह भी है कि इसके जरिये अर्जस्थान के कई अनछुए हिस्से भी नज़रों के सामने होते हैं. यहां का ग्रामीण जीवन विदेशी टूरिस्ट को काफी पसंद आता है. बाड़मेर के सफर के दौरान आपकी नज़रें यहां रास्तों पर ही टिकी रहेगी. यहां रास्ते में पड़ने वाले गांव, पारंपरिक पोशाकें पहने लोग और रेत पर पड़ती सुनहरी धूप आपकी आंखों में एक अजीब सी चमक भर देती है. कहा जाता है कि बाड़मेर घूमने के लिए सबसे बेहतरीन समय मार्च का महीना है. मार्च के महीने में पूरा बाड़मेर रंगों से भर जाता है क्योंकि वह वक्त ‘बाड़मेर महोत्सव’का होता है.



फेमस पर्यटन स्थल

बाड़मेर की चर्चित जगहों में चिन्तामणी पार्श्वनाथ जैन मन्दिर, जूना किला और मन्दिर, रानी भटियानी मन्दिर, विष्णु मन्दिर, श्री नाकोड़ा जी जैन मन्दिर, देवका सूर्य मन्दिर, किराड़ू मन्दिर, बाड़मेर क़िला और गढ़ मन्दिर काफी फेमस जगह हैं. वहीं महाबार सैण्ड-ड्यून्स ( रेत के धोरे ) - बाड़मेर, सफेद अखाड़ा आदि भी देश भर में फेमस हैं.

बाड़मेर के मेले

बाड़मेर कि बात हो और यहां लगने वाले मेलों की बात ना हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता है. यहां लगने वाला तिलवाड़ा पशु मेला, नाकोड़ा पार्श्वनाथ, सुईया मेला चौहटन, हुडो की ढाणी, विरात्रा माता का मेला, खेड़मेला, कल्याण सिंह का मेला, हरलाल जाट का मेला, सिणधरी पशु मेला, गोयणेश्वर महादेव, बायतु, सिणधरी, मेहलू और थाटी री खेजड़ी विश्व प्रसिद्द मेलों की गिनती में शामिल हैं.

बाड़मेर के बारे में कुछ ख़ास जानकारियां

-गढ़ स्थित नागणेचियां माता मंदिर में मौजूद शिलालेख के मुताबिक रावत भीमा ने बाड़मेर की स्थापना की थी.
- भीमा की छठी पीढी में भाराजी बाड़मेर के रावत हुए.
- 1891 की जनगणना के अनुसार बाड़मेर की जनसंख्या महज पांच हजार 610 थी.
-1946-47 में बाड़मेर जिला मुख्यालय में हाईस्कूल बना. बताया जाता है कि इसमें मैट्रिक में सिर्फ 20 स्टूडेंट ही बैठे थे.
- 1956 में बाड़मेर रेल सेवा के जरिये देश के अन्य हिस्सों से जुड़ा था.
- 1952 में हुआ कलेक्ट्रेट का निर्माण
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading