बाड़मेर के सरहदी इलाके तक पहुंचा नर्मदा का पानी, 205 गांवों के साथ सीमा चौकियों को फायदा

राजस्व मंत्री ने कहा कि 2012 में बाड़मेर जिला मुख्यालय को हिमालय का पानी पहुंचा था और आज सरहदी बाड़मेर में नर्मदा का नीर पहुंचा है.

गुजरात में बहने वाली नर्मदा नदी का नीर बाड़मेर के सरहदी इलाके रामसर तक पहुंच गया है. 8 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार नर्मदा का मीठा पानी रामसर के जलाशय तक पहुंचा. सूखे,पानी की कमी और अकाल की वजह से देश भर में पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में नर्मदा का पानी पहुंचना राजस्व मंत्री ने ऐतिहासिक पल बताया.

  • Share this:
बाड़मेर. गुजरात में बहने वाली नर्मदा नदी (Narmada River) का नीर बाड़मेर के सरहदी इलाके रामसर (Ramsar ) तक पहुंच गया है. 8 साल के लंबे इंतजार के बाद पहली बार नर्मदा का मीठा पानी रामसर के जलाशय तक पहुंचा. सूखे,पानी की कमी और अकाल की वजह से देश भर में पहचाने जाने वाले बाड़मेर के सरहदी गांव (Border Village) रामसर में नर्मदा का पहुंचने को राज्य के राजस्व मंत्री ने ऐतिहासिक पल बताया.

शिव विधायक अमीन खान के साथ सरहदी रामसर पहुंचे राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने रामसर के बाद नर्मदा का यह पानी गडरारोड़ और सरहद के अंतिम गांव अकली तक जल्द पहुंचाने की बात कही. उन्होंने न्यूज़ 18 से खास बातचीत में कहा कि सालों से पानी की एक-एक बूंद के लिए जूझ रहे लोगों को शिव विधायक अमीन खां के प्रयासों से मीठा पानी घर-घर तक मिलने लगेगा. उन्होंने यह भी कहा कि 2012 में बाड़मेर जिला मुख्यालय को हिमालय का पानी पहुंचा था और आज सरहदी बाड़मेर में नर्मदा का नीर पहुंचा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस काम में विश्वास करती है, जबकि भाजपा ताली, थाली और पापड़ से कोरोना भगाने के दावे करती है.

205 गांवों को मिलेगा मीठा पानी

आपको बता दे कि वर्ष 2013-14 में स्वीकृत हुई रामसर-गडरारोड पेयजल परियोजना से 205 गांवों को पीने के पानी से जोड़ा था, लेकिन 2014 में सत्ता बदलने के साथ ही परियोजना भी खटाई में पड़ गई. धोरीमन्ना इलाके में एक किलोमीटर तक पेयजल पाइपलाइन वन विभाग की अनुमति के अभाव में सालों तक अटकी रही. अब यह पानी 135 किमी. का सफर तय करके रामसर पहुंचा है. ये मीठा पानी 205 गांवों के अलावा सीमा चौकियों को भी मिलेगा. सालों से देश की सेवा कर रहे जवान भी खारा पानी पीने को मजबूर थे, लेकिन अब उन सीमा चौकियों को भी नर्मदा नहर से जोड़ा जाएगा.

गौरतलब है कि गुजरात से आने वाली नर्मदा नहर से बाड़मेर जिले की गुड़ामालानी, चौहटन व शिव विधानसभा के 845 गांवों तक मीठा पानी पहुंचाना है. इसके लिए चौहटन एवं गुड़ामालानी पेयजल परियोजना से 463 गांवों की करीब 10 लाख आबादी तक पानी पहुंचाना है. इस पर 1467 कोड़ रुपए खर्च होने हैं. रामसर-शिव पेयजल परियोजना की 19 सितंबर 2013 को स्वीकृति मिली थी. अब इस परियोजना का काम 31 अगस्त 2022 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है.

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.