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थार एक्सप्रेस बंद हुई तो हिंगलाज शक्तिपीठ के दर्शन पर लगा विराम, बाड़मेर का ये मंदिर बना ठिकाना

Shaktipeeth Shri Hinglaj Mata Mandir Balochistan: भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली दोस्ती की सौगात थार एक्सप्रेस 3 साल स ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट-मनमोहन सेजू

बाड़मेर. भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली दोस्ती की सौगात थार एक्सप्रेस पिछले 3 साल से बंद है. थार एक्सप्रेस बंद होने के कारण हिंगलाज माता के उपासक इस बार शारदीय नवरात्रि में पाकिस्तान नहीं जा पा रहे हैं. दरअसल नवरात्रि में राजस्थान, गुजरात सहित कई अन्य राज्यों से हिंगलाज माता के उपासक थार एक्सप्रेस के जरिए पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ के दर्शन करने के लिए जाते थे. ऐसे में मां के उपासकों को मलाल है कि वह शक्तिपीठ के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं.

बता दें कि भारत-पाकिस्तान के बीच चलने वाली थार एक्सप्रेस जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटने के बाद से ही बंद कर दी गई है. भारत-पाक के बीच रोटी और बेटी का नाता रहा है, लेकिन थार एक्सप्रेस बंद होने के कारण इन रिश्तों में तल्खियां बढ़ गई है. रेल बंद होने का असर नवरात्रि में बलूचिस्तान जाने वाले उपासकों पर भी पड़ा है. ऐसे में इस बार माता के उपासक बाड़मेर शहर के नरगासर स्थित मां हिंगलाज की अंखड ज्योत के दर्शन कर अपनी मनोकामना पूरी करने की मन्नत मांगते हैं.

इन राज्‍यों के लोग जाते थे पाकिस्‍तान
नवरात्रि में राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, केरल, मणिपुर, गोवा सहित अन्य राज्यों से हिंगलाज माता के उपासक थार एक्सप्रेस के जरिए पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ के दर्शन करने के लिए जाते थे. वहीं, बाड़मेर शहर के नर्मदा खत्री और पुरुषोत्तम खत्री बताते हैं कि थार एक्सप्रेस बंद होने से वह अब बलूचिस्तान नहीं जा पा रहे हैं. बाड़मेर में अब हिंगलाज माता की अंखड ज्योत के दर्शन करने आते हैं.

बलूचिस्तान जाना बंद तो ये बना ठिकाना
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज माता का मंदिर भारत में भी बहुत लोकप्रिय है. हर साल हजारों की तादाद में लोग दर्शन करने के लिए जाते हैं. पाकिस्तान के बलूचिस्तान से तीन साल पूर्व खत्री समाज की ओर से अंखड ज्योत को बाड़मेर में स्थापित किया गया है. मन्दिर में पूजा करने वाले स्वरूप जोशी ने बताया कि पहले उपासक पाकिस्तान जाते थे, लेकिन अब थार एक्सप्रेस बंद होने के कारण इस मंदिर में अंखड ज्योत के दर्शन करने के लिए उपासकों की भीड़ जमा रहती है. शारदीय नवरात्रि में माता हिंगलाज के मंदिर में विशेष पूजा अर्चना भी की जाती है.

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Tags: Balochistan, Barmer news, India pakistan, Navratri

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