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Video : 2300 किमी दूर कोलकाता से अखंड ज्योत बाड़मेर लाया यह परिवार, देखें कैसे हुआ ऐतिहासिक सफर

देश में पहली बार माता दक्षिणेश्वर की अखण्ड ज्योति ने पूर्व से पश्चिम का सफर तय किया है. नवरात्रि के दौरान बंगाल से काली ...अधिक पढ़ें

    रिपोर्ट – मनमोहन सेजू

    बाड़मेर. नवरात्रि पर खास तौर से माता के मंदिरों पर भक्तों की भीड़ लगी रहती है, इधरआज हम बात कर रहे हैं कि एक भक्त के घर में श्रद्धालुओं का तांता क्यों लग रहा है. माता शक्ति के एक मंदिर की अखण्ड ज्योति केा एक श्रद्धालु ने अपने घर मे विराजित किया है. पश्चिम बंगाल की माता काली के मंदिर की अखण्ड ज्योति को सदूर बाड़मेर के परिवार ने गाजे बाजे के साथ अपने घर मे स्थापित किया. अब इस पावन ज्योति को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया है.

    पश्चिम बंगाल के कोलकाता में दक्षिणेश्वर काली मंदिर की ख्याति देशभर में ही नहीं सात समंदर पार तक है. हजारों वर्ष पुराने इस मंदिर में जल रही अखंड ज्योत करोड़ों लोगों के लिए पूजनीय है. यही वजह है कि हर साल देश के अलग-अलग इलाकों से इस मंदिर में लोग अपनी दुआएं और मन्नतें मांगने पहुंचते हैं. कोलकाता से हजारों किलोमीटर दूर सरहदी बाड़मेर का एक परिवार इस मंदिर में अनूठी मन्नत लेकर पहुंचा, जिसे वहां का मंदिर प्रशासन भी मना नहीं कर पाया. बताया जा रहा है कि दक्षिणेश्वर काली मंदिर से पहली मर्तबा अंखड ज्योत को बाहर ले जाया गया है.

    अब होगी मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा

    अखण्ड ज्योत को कोलकाता से बाड़मेर लाने वाले सुरेश कुमार घारू का कहना है कि काली मां की इस ज्योत को लाने के लिए 2275 किलोमीटर का एकतरफा सफर किया. मां के चरणों से अंखड ज्योत लाकर मंदिर में गाजे बाजे के साथ स्थापित की. बाड़मेर के पुजारी चंद्रप्रकाश गर्ग का कहना है कि बाड़मेर से कोलकाता जाकर अंखड ज्योत लेकर आना अपने आप में ऐतिहासिक है. सम्भवतः ऐसा पहली बार हुआ है. अब बाड़मेर स्थित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी करवाई जाएगी और माता काली की प्रतिमा भी स्थापित की जाएगी.

    Tags: Barmer news, Hindu Temple

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