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बाड़मेर में लॉकडाउन के दौरान ऑनलाइन क्लास, नवाचार का कॉलेज छात्र उठा रहे लाभ

ई-लर्निंग के माध्यम से पढ़ने के लिए बच्चे रूचि नहीं दिखा रहे हैं.
ई-लर्निंग के माध्यम से पढ़ने के लिए बच्चे रूचि नहीं दिखा रहे हैं.

कोरोना के खिलाफ जंग (Fight Against Corona) में जब सरकारी महकमों में बंदी और मायूसी छाई है. ऐसे में अज्ञात योद्धा ऐसे भी हैं, जो अपने तरीके से इस जंग को शिकस्त देने में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं.

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बाड़मेर. कोरोना के खिलाफ जंग (Fight Against Corona) में जब सरकारी महकमों में बंदी और मायूसी छाई है. ऐसे में अज्ञात योद्धा ऐसे भी हैं, जो अपने तरीके से इस जंग को शिकस्त देने में मुस्तैदी से जुटे हुए हैं. ये योद्धा हैं कॉलेज में पढ़ाने वाले शिक्षक. अब ये सारे योद्धा ऑनलाइन माध्यम से कॉलेज के छात्रों को पढ़ा रहे हैं. कॉलेज के इन छात्रों को भी अब ऑनलाइन पढ़ाई (Online Study) रास आने लगा है. लॉकडाउन (Lockodown) के दौरान पढ़ाई को जारी रखने के लिए राजस्थान सरकार ने इसकी शुरुआत की है. स्माइल के तहत राज्य के शिक्षकों और विधार्थियो के व्हाटसएप ग्रुप बनाकर उन्हें पढ़ने-पढ़ाने की सामग्री भेजी जा रही है.

देश का पहला राज्य है राजस्थान
दरअसल राजस्थान देश का पहला ऐसा राज्य है, जहां पर छात्र और शिक्षक घर पर बैठ कर सोशल मीडिया के माध्यम से पढ़ाई करवाने की यह अनूठी पहल की गयी है. प्रोजेक्ट 'ऑनलाइन एजुकेशन' के तहत राज्य में 20 हजार से अधिक व्हाट्सएप ग्रुप्स बनाए गए हैं. क्लासरूम में पढ़ाई कर नोटबुक में लिखने वाले विद्यार्थी अब यूट्यूब से वीडियो देख-देख कर अपने नोट्स तैयार कर रहे हैं. वही व्हाट्सएप ग्रुपों में आने वाले सवालों के जवाब नोटबुक में लिखकर वापस जांच के लिए भेज रहे हैं. विद्यार्थी इस नए पैटर्न से अभ्यस्त नहीं थें, लेकिन अब तालीम का बदला हुआ दौर उन्हें रास आने लगा है.

स्माइल प्रोजेक्ट की हुई शुरुआत
गौरतलब है कि कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन में भी विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान ना हो, इसलिए स्माइल प्रोजेक्ट को भी शुरू किया गया है. वहीं इस प्रोजेक्ट के जरिए व्हाट्सएप के द्वारा छात्रों और शिक्षकों को प्रतिदिन अलग-अलग पाठ के वीडियो बनाकर भेज रहे है. व्याख्याता अपने-अपने घरों में रहकर वीडियो तैयार कर रहे है. साथ ही प्रश्नोत्तरी तैयार कर शिक्षण कार्य करवा रहे है. कई प्रोफेसर ने तो अपने-अपने घरों में एक-एक कमरे को क्लासरूम की शक्ल दे दी है. जहां से वे बच्चों को ऑनलाइन पढ़ा रहे हैं.



सरकार के नवाचार से है उम्मीद
ऑनलाइन एज्युकेशन से हर कोई इन दिनों उत्साहित हैं. वही प्रदेश के शिक्षक संकट की इस घड़ी में बच्चों के भविष्य को लेकर फिक्रमंद हैं. सब जी जान से सरकार की मुहिम को कामयाब बनाने में जुटें हुए है. राजस्थान सरकार का यह वह नवाचार है जिससे यकीनन बेहतर नतीजे आने वाले दिनों में देखने को मिलेंगे.

 

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