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राजस्थान: बाड़मेर के सरपंच संघ ने किया पीडी खाते का विरोध, 21 जनवरी को 689 ग्राम पंचायतों में तालाबंदी का ऐलान

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बुधवार को जिला मुख्यालय में जिले भर के सरपंचों ने पीडी खाते ( PD account) में राशि जम करने का विरोध किया. सरपंचों ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.

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बाड़मेर. राजस्थान सरकार(Rajasthan Government) ने केन्द्र से मिलने वाली राशि को पीडी खाते में जमा कराने के आदेश दिए है. इसके विरोध में बुधवार को सरहदी बाड़मेर के सरपंच संघ ने जिला अध्यक्ष हिन्दू सिंह तामलोर के नेतृत्व में जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया और सरकार के आदेश का जमकर विरोध किया. संघ ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) के नाम जिला कलेक्टर विश्राम मीणा को एक ज्ञापन भी सौंपा है. सरपंच संघ अध्यक्ष का कहना है कि प्रदेश सरकार एवं वित्त विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों के खाते में जमा होने वाली राशि को पीडी खाते (PD Account) में जमा किए जाने पर कई विसंगतियां पैदा होगी.

जिला सरपंच संघ की ओर से राज्य सरकार द्वारा पीडी अकाउंट खोलने के आदेश को निरस्त करवाने की मांग की गई है. बाड़मेर सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष हिन्दुसिंह तामलोर ने बताया कि ग्राम पंचायतों के ब्याज रहित पीडी खाते खोलकर संवैधानिक वित्तीय अधिकारों में की जा रही कटौती व अन्य मांगों को लेकर राज्य भर में सरपंच संघ इसका विरोध कर रहा है.

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जिला मुख्यालय में प्रदर्शन

बुधवार को जिला मुख्यालय में जिले भर के सरपंचों ने पीडी खाते में राशि जम करने का विरोध किया. सरपंचों ने सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग की है.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को एक ज्ञापन भी भेजा गया है. ज्ञापन में बताया गया है कि राजस्थान सरकार के 2 साल के कार्यकाल में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा पंचायती राज संस्थाओं के प्रशासनिक एवं वित्तीय हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है. पंचायती राज विभाग की वित्तीय हालत भी खराब है. पिछले 2 सालों में केंद्रीय वित्त आयोग की राशि के अतिरिक्त राज्य वित्त आयोग का एक भी रुपया ग्राम पंचायतों के खाते में नहीं आया है. पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिश के अनुसार साल 2019-20 में 4 हजार करोड़ रुपए में से कुछ भी राशि ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नहीं की गई है. वहीं छठे वित्त आयोग का भी अभी तक गठन नहीं किया गया. साल 2020-21 में भी ग्राम पंचायतों को कोई राशि नहीं मिली है. ऐसे में ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. वहीं 21 जनवरी को समस्त ग्राम पंचायतों में तालाबंदी कर के विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. 30 जनवरी को जयपुर में राजस्थान सरपंच संघ की बैठक आयोजित कर आंदोलन की आगामी रणनीति बनाई जाएगी.
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