Article 370: थार लिंक एक्सप्रेस बंद होने से पाकिस्तान में फंसे कई लोग, पीएम मोदी से लगाई गुहार

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद भारत और पाक (India-Pakistan) के बीच तनाव बढ़ने से थार लिंक एक्सप्रेस (Thar Link Express) बंद कर दी गई है. इससे बाड़मेर के कई लोग पड़ोसी मुल्‍क में फंस गए हैं.

Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: August 18, 2019, 12:09 PM IST
Article 370: थार लिंक एक्सप्रेस बंद होने से पाकिस्तान में फंसे कई लोग, पीएम मोदी से लगाई गुहार
थार लिंक एक्सप्रेस के बंद से बाड़मेर के कई लोग पड़ोसी मुल्‍क में फंस गए हैं. फाइल फोटो
Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: August 18, 2019, 12:09 PM IST
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 (Article 370) हटाए जाने के बाद भारत और पाकिस्‍तान (India-Pakistan) के बीच पैदा हुई तल्खियों का असर बाड़मेर (Barmer) के लोगों पर ज्यादा पड़ा है. दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव के चलते थार लिंक एक्सप्रेस (Thar Link Express) का परिचालन बंद कर दी गई है. इससे बाड़मेर के कई लोग पाकिस्तान में फंस गए हैं. पाकिस्तान में फंसे लोगों के परिजन मोदी सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि उन्हें वापस भारत लाया जाए.

थार लिंक एक्सप्रेस बंद होने से बाड़मेर जिले के हजारों लोगों में मायूसी है. अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर बसे इस जिले का पाकिस्तान से रोटी और बेटी का रिश्ता है. पिछले 14 साल से लोग इसी ट्रेन से पाकिस्तान जाते रहे हैं और वहां से भारत आते रहे हैं. इससे दोनों देशों के लोगों के बीच रिश्तेदारी का दौर जारी था. शनिवार को जब लोगों को थार लिंक एक्सप्रेस बंद होने की सूचना मिली तो उनकी चिंता बढ़ गई. बाड़मेर जिले के कई लोग पाकिस्तान में फंस गए हैं. अब उनके परिजन मोदी सरकार से गुहार लगा रहे हैं कि पिछले एक-दो महीनों में जो लोग पाकिस्तान अपने रिश्तेदारों से मिलने गए थे, उन्हें किसी भी तरह से भारत लाया जाए.

कई लोग राखी बंधवान गए हैं पाकिस्‍तान
बाड़मेर जिले के पाकिस्‍तानी विस्थापित संगठन के जिला संयोजक नरपत सिंह धारा बताते हैं कि उनके रिश्तेदार 15 जुलाई को पाकिस्तान गए थे और इसी 23 तारीख को वापस भारत आने वाले थे. अब थार एक्सप्रेस बंद हो गई है. अब वे लोग कैसे वापस आएंगे? बाड़मेर में नरपत सिंह जैसे कई परिवार हैं. बताया गया है कि बाड़मेर के कई लोग राखी बंधवाने के लिए पाकिस्तान गए हुए हैं. इनलोगों का कहना है कि सरकार किसी भी तरीके से उनके परिजन को सही सलामत वापस भारत लाएं.

14 साल से चल रही थी थार एक्सप्रेस
पिछले 14 साल से चल रही थार एक्सप्रेस से अब तक 4 लाख यात्री सफर कर चुके हैं. इससे पहले पुलवामा हमले के बाद भी दोनों देशों के बीच पैदा हुए तनाव के कारण बाड़मेर से पाकिस्तान जाने वाली कई बारातें वहां नहीं जा पाई थीं. वहीं कुछ बारातें चली गईं, लेकिन बाद में दुल्हन के साथ पाकिस्‍तान में ही फंस गए थे.

छह-छह महीने चलती थी ट्रेन
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यह ट्रेन साप्ताहिक चलती थी. यह पाकिस्तान में कराची से रवाना होकर भारत के बाड़मेर के मुनाबाव तक आती थी. भारत में यह ट्रेन जोधपुर के भगत की कोठी से रवाना होकर पाकिस्तान के सिंध प्रांत के खोखरापार तक जाती थी. मुनाबाव भारत का अंतिम रेलवे स्टेशन है, जबकि खोखरापार पाकिस्तान का अंतिम रेलवे स्टेशन है. दोनों देशों की यह ट्रेन छह-छह महीने चलती थी. अभी भारत की ट्रेन चल रही थी. गत शनिवार को इसका अंतिम फेरा हुआ था.

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First published: August 18, 2019, 11:28 AM IST
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