बाड़मेर: कोरोना पीड़ितों के लिये अनूठी पहल, 2 युवा उद्यमियों ने प्रशासन को भेंट किये ऑक्सीजन के 250 सिलेंडर

इस अभिवन पहल की बाड़मेर के कार्यवाहक जिला कलेक्टर मोहनदान रतनू और बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने खुले दिल से तारीफ की है. .

इस अभिवन पहल की बाड़मेर के कार्यवाहक जिला कलेक्टर मोहनदान रतनू और बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने खुले दिल से तारीफ की है. .

Unique initiative for Corona victims in Barmer: बाड़मेर के दो युवा उद्यमियों ने कोरोना काल में जिला प्रशासन को ऑक्सीजन के 250 सिलेंडर भेंटकर कोरोना पीड़ितों के लिये बड़ी राहत प्रदान की है.

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बाड़मेर. कोविड-19 की बढ़ती महामारी (Corona epidemic) के बीच बढ़ती ऑक्सीजन की कमी बड़ी समस्या बनकर उभर रही है. ऐसे दौर में सरहदी बाड़मेर (Barmer) के दो युवा उद्यमी भाइयों ने अभिनव पहल करते हुए जिला प्रशासन को ऑक्सीजन के 250 सिलेंडर (Oxygen cylinder) भेंट किये हैं. युवा उद्यमी भाइयों ने प्रशासन को ऑक्सीजन 200 सिलेंडर और भेंट करने का वादा भी किया है. जिला प्रशासन और बाड़मेर विधायक ने भामाशाहों की खुले दिल से तारीफ की है.

बाड़मेर के युवा उद्यमी जोगेंद्र सिंह चौहान और उनके भाई राजेन्द्र सिंह चौहान का अपने समाजसेवी पिता स्वर्गीय तन सिंह चौहान की ही तरह आपदा में संबल के हाथ का कारवां बदस्तूर जारी है. जोगेंद्र सिंह चौहान और राजेंद्र सिंह चौहान ने मंगलवार को जिला प्रशासन को ऑक्सीजन के 250 सिलेंडर भेंट किए. बाड़मेर में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी ने आगे कदम बढ़ाते हुए आपदा के हालात में ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट किये हैं. दोनों भाइयों की इस अभिवन पहल की बाड़मेर के कार्यवाहक जिला कलेक्टर मोहनदान रतनू और बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन ने खुले दिल से तारीफ की है.

ऑक्सीजन की कमी नहीं आने देंगे

जोगेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि कोविड-19 की महामारी में ऑक्सीजन की कमी के हालात को जानकर उन्होंने इन्हें भेंट देने का मानस बनाया है. उन्होंने कहा कि वे इस तरह के कदम आगे भी उठाते रहेंगे. ऑक्सीजन की कमी नहीं आने देंगे. वहीं बाड़मेर विधायक मेवाराम जैन के मुताबिक प्रदेश के मुखिया अशोक गहलोत ऑक्सीजन की कमी को लेकर चिंतित है. सरहदी बाड़मेर में इन दोनों भाइयों ने जिला प्रशासन को 250 ऑक्सीजन सिलेंडर भेंट कर बड़ी राहत प्रदान की है.
पिता समाज सेवा के लिये जाने जाते थे

उल्लेखनीय है उद्यमी जोगेन्द्र सिंह और राजेन्द्र सिंह के पिता तन सिंह भी समाज सेवा के लिये जाने जाते थे. तन सिंह चौहान ने इस सीमावर्ती जिले में सामाजिक सरोकार से जुड़े कई कार्यों को अंजाम दिया था. चौहान के बाद अब उनके दोनों पुत्र उनके समाज सेवा के इस कार्य को जारी रखे हुये हैं.
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