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Good News: हिजाब में रहने वाली बेटियों ने सरहद पर तैनात BSF के जवानों के लिए भेजी 300 राखियां

बाड़मेर में रहने वाली इन बेटियों का कहना कि रक्षाबंधन पर फौजी भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहे इसलिये उन्होंने ये रक्षा सूत्र भेजे हैं.

बाड़मेर में रहने वाली इन बेटियों का कहना कि रक्षाबंधन पर फौजी भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहे इसलिये उन्होंने ये रक्षा सूत्र भेजे हैं.

हिजाब में रहने वाली बेटियों ने बीएसएफ के जवानों के लिए भेजी राखियां: भारत-पाकिस्तान के बॉर्डर पर देश की रक्षा में तैनात बीएसएफ के जवानों (BSF Soldiers) के लिये बाड़मेर जिले की अल्पसंख्यक समुदाय की सैंकड़ों बेटियों ने रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) पर रक्षा सूत्र भेजे हैं. इन बेटियों का कहना है कि रक्षाबंधन के पवित्र पर्व पर देश के शूरवीरों की कलाई सूनी नहीं रहे. इसलिये उन्होंने देश की सीमा प्रहरी अपने भाइयों के लिये ये राखियां भेजी हैं.

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हाइलाइट्स

रक्षाबंधन पर सरहदी जिले बाड़मेर में अनूठी पहल
बाड़मेर के गुढ़ामालानी इलाके की बेटियों ने भेजी बीएसएफ के जवानों को राखियां

बाड़मेर. रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) का त्योहार आने वाला है. देशभर में 11 अगस्त को भाई बहन का पवित्र पर्व रक्षा बंधन मनाया जाएगा. हर बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधेगी. लेकिन सरहद पर अपने घर से बहुत दूर जो जांबाज (Soldier) तैनात हैं उनकी कलाई राखी के दिन सूनी ना रहे उसके लिए पहली बार सरहदी बाड़मेर में हिजाब में रहने वाली सैकड़ों बेटियों ने अनूठी पहल की है. एक साथ 300 के करीब राखियां इन बेटियों ने सरहद के जांबाजों को भेजी हैं.

सरहद के जांबाजों के लिए समुदाय के दायरे को पार कर बाड़मेर के गुढ़ामालानी उपखंड के नगर गांव में स्थित मदरसा हनफिया बालिका शिक्षण संस्थान गोरामणियों की ढाणी में तालीम लेने वाली 140 बेटियों ने 300 रक्षासूत्र सरहद की अंतिम सीमा पर चौबीस घंटे तैनात रहने वाले जांबाजों को भेजे हैं. आवासीय मदरसे की मुस्कान और सफूरा ने बताया कि अब राखी आने वाली है तो मन में यह ख्याल आया कि वे भी अपने भाईयों की कलाई पर अपनी तरफ से राखी भेजना चाहती हैं.

फौजी भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहे
उन्होंने अपनी ख्वाहिश मदरसे के प्रबंधक हाजी खान को बताई. उसके बाद मुस्कान और सफूरा समेत उनके साथ पढ़ने वाली 140 बेटियों ने 300 रक्षा सूत्र सरहद के जांबाजों को भेजे हैं. उनका मकसद है कि रक्षाबंधन के दिन यह रक्षा सूत्र सरहद के शूरवीरों की कलाई पर सजे. यहां की जुबेदा और आलिया बताती है रक्षाबंधन के दिन सरहद पर तैनात फौजी भाइयों की कलाई सूनी नहीं रहे इसके लिए हमने भी रक्षा सूत्र भेजे हैं. क्योंकि देश की रक्षा करने के लिए फौजी भाई अपने घर परिवार से कोसों दूर सरहद पर तैनात हैं. इन बेटियों के जज्बे ने साफ जाहिर कर दिया कि ‘सारे जहां से अच्छा यह हिन्दुस्तान हमारा’.

पश्चिमी राजस्थान में काफी लंबी दूरी तक पाकिस्तान की सीमा लगती है
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी राजस्थान में काफी लंबी दूरी तक पाकिस्तान की सीमा लगती है. पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जिले इसकी सरहद पर स्थित है. इस सरहद पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवान सीमा की सुरक्षा के लिये तैनात रहते हैं. यहां बीएसएफ का बड़ा कैम्प है. सरहदी जिले बाड़मेर की इन बेटियों ने सीमा की सुरक्षा में तैनात जवानों के प्रति जो जज्बा दिखाया है वह अपने आप में अनूठा है.

Tags: Barmer news, BSF jawan, India pak border, Rajasthan news

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