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वैलेंटाइन डे स्पेशल: पहले दिया 'दिल', फिर 'किडनी', प्यार और अहसास की रियल स्टोरी
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Premdan Detha | News18 Rajasthan
Updated: February 14, 2020, 11:47 AM IST
वैलेंटाइन डे स्पेशल: पहले दिया 'दिल', फिर 'किडनी', प्यार और अहसास की रियल स्टोरी
इस कहानी की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई जब बाड़मेर का युवक ओमप्रकाश महाराष्ट्र में MBBS के लिए गया

यह कहानी है प्यार और अहसास (Love and feeling) की. महाराष्ट्र की रहने वाली डॉ. स्नेहा (Dr. Sneha) ने पहले राजस्थान के डॉ. ओम (Dr. Om) को दिल दिया और बाद में किडनी (Kidney). फिल्मी पर्दे पर भले ही प्यार के लिए समर्पण की कहानियां गढ़ी जाती रही हों लेकिन हकीकत (Reality) में कोई इस तरह प्यार (Love) निभाए बहुत कम ही सुना है.

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बाड़मेर. यह कहानी है प्यार और अहसास (Love and feeling) की. महाराष्ट्र की रहने वाली डॉ. स्नेहा (Dr. Sneha) ने पहले राजस्थान के डॉ. ओम (Dr. Om) को दिल दिया और बाद में किडनी (Kidney). फिल्मी पर्दे पर भले ही प्यार के लिए समर्पण की कहानियां गढ़ी जाती रही हों लेकिन हकीकत (Reality) में कोई इस तरह प्यार (Love) निभाए बहुत कम ही सुना है. जिससे प्यार किया उसकी किडनियों ने जवाब दे दिया तो भी नहीं छोड़ा. परिजनों के हजारों सवालों का मुकाबला कर लव मैरिज (Love marriage) की. बाद में ट्रांसप्लांट की गई एक किडनी के सहारे जीवन बीता रहे पति की वह किडनी भी खराब हो गई तो पत्नी ने अपनी किडनी दे दी.

साथ जीने-मरने की कसमें खाई
इस कहानी की शुरुआत वर्ष 2003 में हुई जब बाड़मेर का युवक ओमप्रकाश महाराष्ट्र में MBBS के लिए गया. वहां ओम की मुलाकात महाराष्ट्र की मेडिकल छात्रा स्नेहा से हुई. धीरे-धीरे वो मुलाकात दोस्ती में तब्दील हो गई. फिर दोस्ती परवान चढ़कर 2005 में प्यार में बदल गई और दोनों ने शादी करने की ठान ली. साथ जीने-मरने की कसमें खाई. दोनों ने अपने-अपने परिवार को बताया तो उन्होंने भी कोई एतराज नहीं जताया.

पहले मां ने दी किडनी



कुछ समय बाद 2006 में ओमप्रकाश की तबीयत खराब हो गई और उसका ब्लड प्रेशर बढ़ने लगा. डॉक्टर से चेकअप करवाया तो पता चला कि दोनों किडनियां खराब हैं. तब स्नेहा के परिवार वालों ने शादी करने से मना कर दिया. लेकिन स्नेहा ने अपने परिवार से कहा की अगर मेरी तबीयत खराब होती और ओम ऐसा करते तो ? 2007 में ओमप्रकाश की मां ने किडनी दी और ट्रांसप्लांट हुआ. स्नेहा ने अपने प्रेमी को किये वादे के अनुसार 2009 में डॉक्टर ओमप्रकाश से लव मैरिज की. शादी के बाद दोनों की ज़िंदगी शानदार चलती गई. डॉक्टर ओमप्रकाश राजकीय हॉस्पिटल में और डॉ. स्नेहा बाड़मेर से 10 किलोमीटर दूर शिवकर में पदस्थापित हैं.

फिर पत्नी ने किडनी देकर बचाई जान
सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन 2016-2017 में ओम की तबीयत फिर से ख़राब हो गई. पहले जो किडनी लगाई गई थी वो जवाब देने लग गई थी. दुबारा से किडनी ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ी तो ओम की पत्नी डॉ. स्नेहा ने कहा 'मैं मेरी किडनी आपको दूंगी'. बकौल ओम पहली बार में जब किडनी खराब हुई थी तब भी स्नेहा ने खुद की किडनी देने की बात कही थी. लेकिन तब मां ने दे दी थी. उसके बाद फरवरी 2017 में स्नेहा ने अपने पति डॉ. ओम को अपनी किडनी दी. तब से सब कुछ ठीक चल रहा है. दोनों के छह साल की एक बेटी और सवा साल का एक बेटा भी है. आज दोनों हंसी खुशी अपनी जिंदगी बिता रहे हैं.

 

 

दोनों ने हमेशा एक दूसरे का साथ दिया
डॉक्टर दम्पती कहते हैं कि 17 साल में जिंदगी में बहुत उतार-चढ़ाव आए, लेकिन हमने दोनों ने एक दूसरे का साथ दिया और शायद इसी का नतीजा है कि आज हम साथ साथ हैं.

 

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First published: February 14, 2020, 11:43 AM IST
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