एक Tweet जिसकी उम्र 4 घंटे थी, लेकिन उससे हिल गया भरतपुर राजघराना, जानिए क्या है पूरा विवाद

भरतपुर राजपरिवार की कलह अब खुलकर सामने आ गई है. बेटे अनिरुद्ध सिंह ने पिता विश्वेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. (file)

भरतपुर राजपरिवार की कलह अब खुलकर सामने आ गई है. बेटे अनिरुद्ध सिंह ने पिता विश्वेंद्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. (file)

भरतपुर के पूर्व राजपरिवार में सदस्य पूर्व मंत्री विश्वेन्द्र सिंह और उनके पुत्र अनिरुद्ध के बीच पारिवारिक विवाद अब खुलकर सामने आ गया है. अनिरुद्ध ने ट्वीटर पर अपने पिता के बारे में लिखा कि 'वे मेरी मां के प्रति हिंसक हो गए हैं, कर्ज ले लिया है, और अब संपत्ति बेचना चाहते हैं.'

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दीपक पुरी, भरतपुर. पिछले साल मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बगावत करने वाले सचिन पायलट खेमे के विधायक और पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने (Vishvendra Singh and son Anirudh) बगावत का बिगुल फूंक दिया है. इसके साथ ही भरतपुर के पूर्व राजघराने का विवाद (Bharatpur royal family dispute) खुलकर जनता के सामने आ गया है. अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट करके विश्वेंद्र सिंह पर मां के प्रति हिंसक होने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं. अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट किया- "पिछले 6 सप्ताह से मैं अपने पिता के संपर्क में नहीं हूं. वे मेरी मां के प्रति हिंसक हो गए हैं, कर्ज ले लिया है, और अब संपत्ति बेचना चाहते हैं."

पहले दौर मे विश्वेंद्र सिंह की इच्छा के खिलाफ अनिरुद्ध ने उनके ट्विटर हैंडल से ऐसे ट्वीट करवाए, जो उनकी पॉलिटिकल लाइन के खिलाफ थे. भरतपुर के पूर्व राजघराने से जुड़े सूत्रों के मुताबिक विश्वेंद्र सिंह उनसे बिना पूछे उनके ट्विटर हैंडल से किए गए ट्वीट्स को लेकर नाराज थे, क्योंकि उनसे विश्वेंद्र सिंह को नुकसान हुआ. बताया जाता है कि कांग्रेस और अशोक गहलोत के खिलाफ किए गए ट्वीट पर विश्वेंद्र सिंह ने बेटे से नाराजगी जताई और इस पर झगड़ा हुआ. बेटे से झगड़े के बाद उन्होेंने अपने ट्विटर, फेसबुक सहित सभी सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा दिए थे.​

विश्वेंद्र सिंह के समर्थक नाराज

अनिरुद्ध सिंह की बगावत के बाद विश्वेंद्र सिंह के समर्थकों ने नाराजगी जताई है. अनिरुद्ध सिंह के ट्वीट पर रिप्लाई करने वाले ज्यादातर यूजर्स ने अनिरुद्ध सिंह को ​पिता का सम्मान करने की सलाह दी है. कुछ यूजर्स ने लिखा है कि इस तरह पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक करना सही नहीं है. भरतपुर के कई यूजर्स ने विश्वेंद्र सिंह के प्रति समर्थन जताते हुए घर का मामला घर में ही सुलझाने की सलाह दी है. कुछ यूजर्स ने इसे संस्कारों के खिलाफ बताया है.
अनिरुद्ध ने 4 घंटे बाद डिलीट किया ट्वीट

अपने पिता के खिलाफ बगावत का ऐलान करने वाले अनिरुद्ध सिंह ने 4 घंटे में ही यू टर्न ले लिया. अनिरुद्ध सिंह के ट्वीट पर जिस तरह विश्वेंद्र सिंह के समर्थन में कमेंट आए और पारिवारिक मामले को सार्वजनिक रूप से उछालने पर यूजर्स आलोचना करने लगे. इसके बाद दोपहर 3 बजे के आसपास अनिरुद्ध सिंह ने ट्वीट ही डिलीट कर दिया. एक महीने पहले कलह के खंडन वाला ट्वीट भी डिलीट कर दिया. निरुद्ध ने ट्वीट भले डिलीट कर दिया हो, लेकिन भरतपुर के पूर्व राजपरिवार की कलह सार्वजनिक हो गई. चार घंटे में जो नुकसान होना था वह हो चुका.

विश्वेंद्र सिंह का राजनीतिक कैरियर



विश्वेंद्र सिंह ने 25 वर्ष की उम्र में 1986 से राजनीतिक में कदम रखा. 1988 में पहली बार कांग्रेस से जिला प्रमुख रहे 1988-89 में जनता दल से सांसद चुने गए, लेकिन मंडल कमीशन मामले में इस्तीफा दे दिया. 1999, 2004 के दौर में दो बार भाजपा से भरतपुर लोकसभा सदस्य चुने गए, लेकिन भाजपा में पटरी ना बैठने के कारण कांग्रेस में शामिल हो गए. 2013 में डीग कुम्हेर विधानसभा से विधायक चुने गए.फिर 2018 में उसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने और पहली बार गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री बने हैं.

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