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भरतपुर में डॉक्टरों के लिए चुनौती बना कोरोना, महिला 5 महीने से संक्रमित, 31 टेस्ट में निकली पॉजिटिव

राजस्थान के भरतपुर में एक महिला पिछले पांच महीने से कोरोना संक्रमण से जूझ रही है.
राजस्थान के भरतपुर में एक महिला पिछले पांच महीने से कोरोना संक्रमण से जूझ रही है.

Bharatpur News: राजस्थान के भरतपुर में एक महिला पिछले पांच महीने से COVID-19 संक्रमण से जूझ रही है. 30 साल की शारदा देवी के अब तक 31 टेस्ट पॉजिटिव आ चुके हैं. इस केस को लेकर अब डॉक्टर भी हैरान-परेशान हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 24, 2021, 10:00 PM IST
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भरतपुर. कोरोना वायरस का संक्रमण आमतौर पर 14 दिन में पूरा हो जाता है. लेकिन, राजस्थान के भरतपुर (Corona in Bharatpur) में एक महिला पिछले पांच महीने से कोरोना संक्रमण (Corona infected woman) से जूझ रही है. यहां के अपना घर नाम के आश्रम में रहने वाली 30 साल की शारदा देवी के अब तक 31 टेस्ट पॉजिटिव आ चुके हैं. इनमें 17 RTPCR और 14 रैपिड एंटीजन टेस्ट शामिल हैं. उन्हें एलोपैथी, होम्योपैथी और आयुर्वेदिक दवाइयां दी जा चुकी हैं, लेकिन महिला को कोई फायदा नहीं हुआ.

डॉक्टर इस केस को लेकर हैरान-परेशान हैं. वहीं हैरानी वाली बात ये है कि कोरोना रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आने के बावजूद शारदा देवी खुद को स्वस्थ महसूस करती हैं. अपने सारे काम वह खुद करती हैं. उनका वजन भी इस दौरान 8 किलो बढ़ गया है. डॉक्टरों के लिए शारदा देवी का केस अजूबा बना हुआ है. संभवत: देश का पहला केस होगा, जिसमें किसी पेशेंट को पांच महीने से कोरोना है.





शारदा देवी पांच महीने से दो कमरों के एक विशेष आइसोलेशन रूम में जेल जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हैं. आश्रम के अध्यक्ष डॉ. बीएम भारद्वाज ने कहा कि शारदा को बझेरा गांव से यहां लाया गया था. तब उनकी जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी. वे आश्रम की पहली कोरोना पेशेंट थीं, उनका पहला टेस्ट 28 अगस्त 2020 को किया गया था.
'अपना घर आश्रम' में फिलहाल शारदा देवी समेत 4 कोरोना पॉजिटिव मरीज हैं. कोरोना पॉजिटिव निकलने पर शारदा को अगस्त के आखिर में भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भेजा गया था. वहां डॉक्टरों ने यह कहकर वापस भेज दिया कि इनकी मानसिक और शारीरिक हालत ठीक नहीं है, इसलिए एक अटेंडेंट साथ रखना होगा. इसके बाद आश्रम ने अपना कोविड केयर सेंटर खोला.

डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना पॉजिटिव होने के बावजूद शारदा दूसरों के लिए खतरा नहीं हैं. क्योंकि, उनकी बॉडी में मौजूद कोरोना वायरस एक्टिव नहीं हैं यानी अब उनसे दूसरों में संक्रमण नहीं फैलेगा. हालांकि, ऐहतियात के तौर पर उन्हें आइसोलेशन में रखने की जरूरत है. कोरोना रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आने के दो कारण हो सकते हैं. पहला, पेशेंट के म्यूकोजा (नाक की झिल्ली) में डेड वायरस स्टोर हो गया हो. इससे नाक की झिल्ली कमजोर हो जाती है. जिससे मरीज के टेस्ट पॉजिटिव आ रहे हो सकते हैं. दूसरा, उनकी इम्यूनिटी काफी लो है, जिससे संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं हुआ. हालांकि, इसकी सटीक जानकारी के लिए जांच कराना जरूरी है.
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