होम /न्यूज /राजस्थान /Bharatpur: गैस सिलेंडर की मंहगाई की मार से परेशान युवक ने बनाया अनोखा चूल्हा, जानें उपयोग

Bharatpur: गैस सिलेंडर की मंहगाई की मार से परेशान युवक ने बनाया अनोखा चूल्हा, जानें उपयोग

Bharatpur News: राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) जिले में स्थित मथुरा गेट निवासी सुनील कुमार (Sunil Kumar). जो काफी लंबे ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट- ललितेश कुशवाहा

भरतपुर. महंगाई और रसोई की बढ़ती कीमतों से परेशान होकर गैस सिलेंडर का प्रयोग नहीं करना तो खूब सुना होगा. लेकिन कभी सुना और देखा है कि किसी व्यक्ति का गैस सिलेंडर (Gas Cylinder) चोरी हो जाए और चोरी से छुटकारा पाने लिए एक अनोखे चूल्हे का निर्माण दे जी नही. आइए आपको आज एक ऐसे ही व्यक्ति से मुलाकात करवाते है, जिसके साथ हुई चोरी की घटना ने एक अनोखे चूल्हे (A unique stove) का निर्माण करबा दिया. अब इस व्यक्ति को ना तो चोरी का डर है और ना ही बढ़ती महगाई का.

यह व्यक्ति है राजस्थान के भरतपुर (Bharatpur) जिले में स्थित मथुरा गेट निवासी (Sunil Kumar). जो काफी लंबे समय से आरबीएम अस्पताल के पास चाय की दुकान चला रहे है. कुछ साल पहले बच्चे की तबीयत खराब होने पर बाहर गए हुए थे इसी दौरान उनकी दुकान से गैस सिलेंडर चोरी हो गया. इसके बाद एक अनोखे चूल्हे का निर्माण कर दिया. यह चूल्हा चोरी से तो बचा ही रहा है साथ ही बढ़ती महंगाई की मार से भी.

सिलेंडर हुआ चोरी तो बना दिया अनोखा चूल्हा..
मथुरा गेट निवासी सुनील ने बताया कि करीब 20-25 साल से आरबीएम अस्पताल के पास चाय की दुकान चला रहे है. 16 साल पहले अचानक बच्चे की तबीयत खराब होने पर भरतपुर से जयपुर रेफर कर दिया.उसी दौरान दुकान बंद कर जयपुर जाना पड़ा. जब वापस भरतपुर आकर दुकान देखी तो पता चला गैस सिलेंडर चोरी हो चुका है. इस घटना से भयभीत होकर उसी दौरान ठान लिया कि एक ऐसे चूल्हे का निर्माण करना है जिससे चोरी होने से हमेशा हमेशा के लिए निजात मिल जाए. उसके बाद बाजार से ब्लोअर मशीन, लोहे के सरिया, भगोना और मिट्टी के प्रयोग से सिगड़ीनुमा दिखने वाले अनोखे चूल्हे का निर्माण कर दिया. उस समय इस चूल्हे के निर्माण में 700-800 रुपए का खर्चा आया था. अब चूहे के निर्माण में तकरीबन 3500 रुपए का खर्चा आएगा.

गैस सिलिंडर के टेंशन से अब फ्री…
सुनील ने बताया कि गैस सिलेंडर खत्म हो जाए तो उसे भरना पड़ता है. वहीं दूसरी ओर गैस सिलेंडर के बढ़ते दाम लोगों को काफी परेशान करते रहते है. लेकिन अब गैस का सिलेंडर चाहे महंगा हो या सस्ता कोई फर्क नहीं पड़ता. सुनील ने बताया कि दिनभर में करीब 100 से डेढ़ सौ चाय बनाता हूं. चाय बनाने के लिए गैस सिलेंडर बेहद महंगा पड़ता है. वहीं इस चूल्हे में ईंधन के रूप में कोयला, उपला, चारे की भूसी प्रयोग की जाती है. 100 रुपए के ईधन से करीब 10 दिन काम चलता है. अगर किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार का चूल्हा चाहिए या बनवाना हो दिए गए नंबर पर 8947974756 संपर्क कर सकता है. यह चूल्हा पर्यावरण प्रदूषण के साथ साथ स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभदायक है.

Tags: Bharatpur News, Rajasthan news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें